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COVID-19: एमपी में कुछ इस तरह से लड़ी जा रही कोरोना से जंग, 10 दिन से नहीं बदली गईं चादरें !

कोरोना वायरस के तीन विभिन्न रूप सामने आए हैं.  (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कोरोना वायरस के तीन विभिन्न रूप सामने आए हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भोपाल एडवांस मेडिकल कॉलेज में बनाए गए क्वॉरेंटाइन सेंटर (Quarantine Center) में रह रहे लोगों का आरोप है कि 10 दिन से केवल एक ही चादर दी गई है जो कि ओढ़ने और बिछाने दोनों के लिए है, सेंटर में अलग से पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं की गई है....

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भोपाल. महामारी (Pandemic) कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. मध्य प्रदेश के साथ ही राजधानी भोपाल में भी जिस तेजी से कोरोना वायरस पॉजिटिव केस (COVID-19 Positive Case) लगातार बढ़ रहे हैं उनमें इस आपदा के साथ-साथ प्रशासनिक लापरवाही भी साफ़ नजर आ रही है. आलम यह है कि भोपाल एडवांस मेडिकल कॉलेज में बनाए गए क्वॉरेंटाइन सेंटर (Quarantine Center) 10 दिन से चादर तक नहीं बदली गई. जबकि अब तक आंकड़ों पर गौर करें तो मध्य प्रदेश में ही सबसे ज्यादा स्वास्थ्य कर्मी व डॉक्टर, यहां तक प्रमुख सचिव स्वास्थ्य भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं.

सेंटर में सब तरफ है अव्यवस्था
बता दें कि कोरोना पॉजिटिव लोगों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर संदिग्ध मरीजों को भी अलग क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा गया है. जिससे यह संक्रमण दूसरे लोगों तक ना पहुंचे और संदिग्ध व्यक्ति भी क्वॉरेंटाइन सेंटर से स्वस्थ होने की पुष्टि के बाद ही बाहर निकले. लेकिन कोलार स्थित एडवांस मेडिकल कॉलेज में बने क्वॉरेंटाइन सेंटर में अव्यवस्थाएं नजर आ रही हैं. एडवांस मेडिकल कॉलेज को कोरोना के बढ़ते केस के चलते क्वॉरेंटाइन सेंटर में फिलहाल तब्दील किया गया है. जहां पर संदिग्धों को संक्रमण की रोकथाम के लिए रोकने की व्यवस्था की गई है. इस क्वॉरेंटाइन सेंटर में करीब 75 लोगों को ठहराया गया है. लेकिन सेंटर में कोई व्यवस्था नहीं है.

क्वॉरेंटाइन सेंटर में थैली में दिया जा रहा खाना
यहां रखे गए कोरोना के संदिग्ध मरीज का कहना है कि बीते 10 दिनों से सेंटर में चादर तक नहीं बदली गई है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि 10 दिन से केवल एक ही चादर दी गई है जो कि ओढ़ने और बिछाने दोनों के लिए है ऐसे में एक ही चादर को या तो ओढ़ सकते हैं या बिछा सकते हैं. सेंटर में अलग से पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं की गई है, पूरे हॉल में केवल एक ही पानी की केन रखी गई है ऐसे में हर कोई उसी केन से पानी पी रहा है. जिससे ठीक होना तो दूर उलटा संक्रमण का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है. क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखे गए लोगों का कहना है कि खाने को लेकर अलग से डिस्पोजेबल थाली की भी व्यवस्था नहीं है. यहां थाली की जगह थैली में रखकर खाना दिया जाता है जिसे खाने में काफी दिक्कत हो रही है. वहीं दूसरी तरफ समय पर खाना ही नहीं दिया जा रहा. लोगों का कहना है कि यहां पर मच्छर काफी हैं लेकिन अब तक मच्छरदानी की व्यवस्था नहीं की गई है.



क्या कहते हैं जिम्मेदार
क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखे गए लोगों के आरोपों पर जब News 18 संवाददाता ने सेंटर के प्रभारी डॉ. उपेंद्र से बात की तो उनका कहना था कि मरीजों की चादर धोने के लिए कोई तैयार नहीं है. लॉन्ड्री वाले चादर ले जाने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं इसीलिए अब डिस्पोजेबल चादरों की व्यवस्था की जा रही है. वहीं थैली में खाना दिए जाने पर उन्होंने सफाई देते हुए कि लॉकडाउन के चलते दुकानें बंद हैं, इसीलिए थाली की व्यवस्था नहीं हो पा रही है और थैली में ही खाना दिया जा रहा है. वहीं मच्छरों की समस्या पर उन्होंने कहा कि नगर निगम की तरफ से रोजाना फागिंग की जा रही है ऐसे में मच्छरदानी की व्यवस्था नहीं की गई है. पीने के पानी व अन्य अव्यवस्थाओं पर बोलने से बचते रहे सेंटर प्रभारी. लेकिन ऐसे में बड़ा सवाल ये उठता है कि इस प्रकार से कैसे कोरोना से जंग लड़ी जाएगी जब राजधानी के क्वॉरेंटाइन सेंटर का ये हाल है तो अन्य जनपदों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठना लाजिमी ही है.

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