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ग्रीन कैंपेन का ऐसा उदाहरण देखा है आपने? नारियल के खोल में पौधे और दीवारों पर बागीचा!

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: October 30, 2019, 12:47 PM IST
ग्रीन कैंपेन का ऐसा उदाहरण देखा है आपने? नारियल के खोल में पौधे और दीवारों पर बागीचा!
ग्रीन कैंपेन और सिंगल यूज प्लास्टिक बैन का बेहतरीन उदाहरण

अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee ) हिंदी विश्वविद्यालय (Hindi University ) के कुलपति रामदेव भारद्वाज (Vice Chancellor Ramdev Bhardwaj) ने. भोपाल स्थित घर को उन्होंने ग्रीन कैंपेन की बेहतरीन मिसाल बना दिया है.

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भोपाल. पीएम नरेंद्र मोदी (pm narendra modi) की सिंगल यूज प्लास्टिक (Single use plastic) पर बैन (ban) की मुहिम में राजधानी भोपाल (capital bhopal) में रहने वाले एक कुलपति (Vice chancellor) और उनका पूरा परिवार अपने तरीके से जुड़ा हुआ है.पहले घर के वेस्ट सामान से ग्रीन कैंपेन (green campaign) चलाया जा रहा था, लेकिन अब घर की दीवारों पर वर्टिकल गार्डन बना लिया है. नारियल के खोल (coconut shell) को गमला बना लिया और कचरे से खाद तैयार कर ली.

नारियल के खोल में पौधारोपण
सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन की मुहिम से अब शिक्षाविद् भी जुड़ने लगे हैं.राजधानी भोपाल में एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला.घर में जगह कम थी इसलिए वर्टिकल गार्डन बना लिया और चारों ओर हरियाली की चादर बिछा ली. खर्च कुछ भी नहीं और चारों ओर हरियाली ही हरियाली. ये पहल की है अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति रामदेव भारद्वाज ने. भोपाल स्थित घर को उन्होंने ग्रीन कैंपेन की बेहतरीन मिसाल बना दिया है.

कुलपति रामदेव भारद्वाज ने अपनी पत्नी और बेटी के साथ मिलकर विदेशों की तर्ज पर कम जगह में गार्डन तैयार किया है. वो संदेश दे रहे हैं कि कम जगह में भी बेहतरीन बगीचा तैयार किया जा सकता है. इसके लिए कुलपति ने घर के बेकार हो चुके सामान और कचरे का इस्तेमाल किया. नारियल के खोल में उन्होंने पौधे लगाए और उन्हें घर की दीवार पर टांग दिया. अब उनके घर की पूरी दीवार हरियाली से भरपूर नज़र आ रही है. भारद्वाज और उनकी फैमिली इन पौधों की बच्चों की तरह ही देखभाल करते हैं. मज़ेदार बात ये है कि खाद भी घर में रोज निकलने वाले छिलकों-पत्तों, चाय की पत्ती वगैरह से करते हैं.

पूरा परिवार कैंपेन से जुड़ा
रामेदव भारद्वाज के मुताबिक दरअसल बागवानी का ये शौक उनकी बेटी को है. उसके इस शौक को हमने भी अपना लिया.पूरे घर को हरियाली से ढांक दिया है. घर के बेकार सामान से ही हर कौने में हरियाली की गई है. वर्टिकल गार्डन की वजह से दीवारें हरीभरी दिखाई देती हैं. अब कुलपति भारद्वाज, अपनी यूनिवर्सिटी के लोगों के साथ बाहरी लोगों को भी वर्टिकल गार्डन के जरिए घर के बेकार सामान का इस्तेमाल कर ग्रीन कैंपेन से जोड़ने की मुहिम में जुटे हैं.
बिना खर्च के हरियाली​
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रामदेव भारद्वाज का ये परिवार नारियल के खोल में तैयार पौधे दूसरों को भी बांट रहा है. ये परिवार अपने स्तर पर हरियाली कैंपेन चला रहा है. घर में आर्टिफिशियल नहीं, बल्कि हमेशा हरियाली की सजावट रहती है. पौधों को लगाने के लिए किसी गमले की जरूरत नहीं है.घर के वेस्ट सामान के साथ नारियल के खोल के जरिए भी पौधा रोपण किया जा सकता है.इसी तरह किसी गार्डन की जरूरत भी नहीं है.घर की दीवारों पर ही वर्टिकल गार्डन बनाए जा सकते हैं.यह सबके लिए संदेश है कि बिना खर्च के किस तरह से स्वच्छ पर्यावरण के साथ हरियाली को बढ़ावा दिया जा सकता है.

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First published: October 30, 2019, 12:44 PM IST
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