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MP: निमंत्रण के साथ हरियाली का संदेश, शादी में मेहमानों को ई-कार्ड की जगह दिया अनोखा ग्रीन-कार्ड

Puja Mathur | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 17, 2019, 8:19 PM IST
MP: निमंत्रण के साथ हरियाली का संदेश, शादी में मेहमानों को ई-कार्ड की जगह दिया अनोखा ग्रीन-कार्ड
शादी में ई-कार्ड की जगह बढ़ रहा है ग्रीन-कार्ड देने का चलन.

पर्यावरण संरक्षण (Environment conservation) की दिशा में सिर्फ सरकार के प्रयास ही काफी नहीं, आम लोगों को भी ध्यान देना चाहिए. इसी मकसद से भोपाल (Bhopal) में शादी के निमंत्रण-कार्ड (Marriage Invitation) की जगह एक जोड़े ने मेहमानों को पॉकेट-फ्रेंडली जी-कार्ड (G-card) भेजा.

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भोपाल. शादी के निमंत्रण (Marriage Invitation) के बारे में सोचते ही आपको पहले पेपरों पर छपे कार्ड (Invitation Card) ही ख्याल में आते हैं. थोड़ा आगे बढ़कर सोचें तो आधुनिक युग में ई-कार्ड (E-card) का चलन है. लेकिन इन सबके बीच भोपाल (Bhopal) में आजकल शादी के निमंत्रण पत्र के लिए अलग ट्रेंड चल पड़ा है. जी हां, भोपाल में अब शादियों के निमंत्रण के लिए कार्ड की जगह जी-कार्ड (G-card) या ग्रीन-कार्ड (Green Card) दिए जा रहे हैं. जी-कार्ड यानी पौधों के साथ शादी का निमंत्रण. भोपाल के प्रियांशू कनकने की शादी आगामी 20 नवंबर को है. उन्होंने मेहमानों को जो निमंत्रण पत्र भेजे हैं, वे दरअसल गमलों में लगाए गए पौधे हैं. इसे ही जी-कार्ड कहा जा रहा है.

पॉकेट फ्रेंडली हैं जी-कार्ड
G-card निमंत्रण की खास बात ये भी है कि यह पर्यावरण के साथ पॉकेट फ्रेंडली भी हैं. कागज पर छपे कार्ड जहां आम तौर पर 100 से लेकर 200 रुपए या इससे कहीं ज्यादा महंगे भी होते हैं. इसके मुकाबले पौधों वाले ग्रीन-कार्ड की कीमत बहुत ही कम है. भोपाल में अच्छी क्वालिटी का शादी कार्ड जिसकी कीमत प्रिटिंग के साथ करीब 180 रुपए होती है, उसकी जगह 80 रुपए का ग्रीन-कार्ड बहुत उपयोगी है. कागज वाले कार्ड जहां अगले ही दिन फेंक दिए जाते हैं, वहीं ग्रीन-कार्ड बर्बाद नहीं होता. बल्कि ये पौधे आपकी घर की शोभा बढ़ाने के काम आते हैं. ई-कार्ड देने पर लोग अक्सर भूल भी जाते हैं, लेकिन घर में रखा फूलों के गमले वाला ग्रीन-कार्ड आपको हमेशा समय और तारीख की याद भी दिलाता रहता है.

Green-card for Marriage invitation-Trending in Bhopal
भोपाल में एक युवक ने अपनी शादी के कार्ड के तौर पर भेजा जी-कार्ड.


शादी के कार्ड में हरियाली का संदेश
आजकल जब देश की राजधानी दिल्ली समेत मध्य प्रदेश के कई शहरों में भी प्रदूषण बढ़ने की बातें की जा रही हैं, उसमें ये ग्रीन-कार्ड पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के पैमाने पर भी खरे उतरते हैं. ग्रीन-कार्ड की शक्ल में घर-घर पहुंच रहे पौधे न सिर्फ आपके आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखते हैं, बल्कि इनसे प्रदूषण में भी कमी आती है. इसके अलावा, घर के आसपास हरियाली बढ़ने से हवा भी साफ होती है. भोपाल के प्रियांशु कनकने के परिजनों ने बताया कि शादी के निमंत्रण के साथ-साथ हरियाली का संदेश देने में ये ग्रीन-कार्ड मददगार हैं. साथ ही आम कार्ड से थोड़ा अलग भी दिखते हैं.

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First published: November 17, 2019, 8:19 PM IST
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