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अतिथि विद्वानों के आंदोलन पर कमलनाथ के मंत्री ने कही ऐसी बात, अब भोपाल में होगा हल्ला बोल

Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 9, 2019, 8:51 PM IST
अतिथि विद्वानों के आंदोलन पर कमलनाथ के मंत्री ने कही ऐसी बात, अब भोपाल में होगा हल्ला बोल
भोपाल में सरकार से आर पार की लड़ाई के लिए पहुंच रहे विद्वान शिक्षक

सहायक प्राध्यापकों के बाद प्रदेश के अतिथि विद्वान आर पार की लड़ाई के लिए भोपाल (Bhopal) पहुंच रहे हैं. अतिथि विद्वान पैदल मार्च निकाल कर भोपाल के शाहजहांनी पार्क पहुंच रहे हैं. अतिथि विद्वान सरकार को 90 दिनों में नियमितीकरण का वादा याद दिलाने पहुंच रहे हैं.

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भोपाल. एमपी-पीएससी (MP-PSC) से चयनित सहायक प्राध्यापकों के पैदल मार्च के बाद अब अतिथि विद्वान सरकार को घेरने की तैयारी में हैं. प्रदेश भर के अतिथि विद्वानों (Guest Faculty) ने सरकार ने खिलाफ मोर्चा खोला है. नियमित करने की मांग को लेकर अतिथि विद्वान पैदल मार्च लेकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रहे हैं. अतिथि विद्वान नियमित करने को लेकर सरकार को अपना वादा याद दिलाने पैदल मार्च लेकर 10 से 13 दिसंबर तक शाहजहांनी पार्क में जुटेंगे. वहीं उनका आरोप है कि उच्च शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद भी अतिथि विद्वानों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है. ऐसे में अब अतिथि शिक्षक सरकार से अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं.

पिपरिया से भोपाल के शाहजहांनी पार्क पहुंचेगा मार्च
सहायक प्राध्यापकों के बाद अतिथि विद्वानों ने अब अपनी मांगों को लेकर लड़ाई की तैयारी पूरी कर ली है. अतिथि विद्वान संघ की मीडिया प्रवक्ता नाहीद तनवीर का कहना है कि पैदल मार्च छिंदवाड़ा के पिपरिया से शुरू किया गया है. अब मंगलवार से पैदल मार्च जगह-जगह से होते हुए भोपाल के शाहजहांनी पार्क पहुंचेगा. शाहजहांनी पार्क में 10 से 13 दिसंबर तक प्रदेश भर के अतिथि विद्वान जुटेंगे. कांग्रेस ने सरकार बनने से पहले कॉलेजों में लंबे समय में कार्य कर रहे अतिथि विद्वानों को नियमित करने का वादा किया था. 90 दिन में नियमित करने का वादा एक साल बाद भी पूरा नहीं हुआ है.

नियमित करने का वादा किया, फिर बाहर कर दिया

अतिथि विद्वान 2 माह पहले यानि 12 अक्टूबर को सरकार को वादा याद दिलाने पहुंचे थे, तब उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने जल्द से जल्द नियमित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन वो आश्वासन भी अब तक पूरा नहीं किया है. उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा था कि अतिथि विद्वानों को बाहर नहीं किया जाएगा लेकिन सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के बाद 830 अतिथि विद्वानों को बाहर कर दिया गया है. प्रदेश भर में 4000 से 5000 अतिथि विद्वान हैं. इनमें से 500 से ज्यादा यूजीसी क्वालीफाईड हैं. नियमित करने की जगह सबको बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है.

जनसंपर्क मंत्री बोले ये प्रजातंत्र है धरना दें
सहायक प्राध्यापकों के बाद अब अतिथि विद्वानों के नीलम पार्क में धरने को लेकर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा का कहना है कि, 'धरना दें ये प्रजातंत्र है, इसमें कोई दिक्कत नहीं है.' उन्होंने कहा कि कमलनाथ की सरकार में सबको न्याय मिलेगा. वचन पत्र में जो वादा किया गया था, उन वचनों को पूरा करेंगे. अतिथि विद्वानों के साथ भी न्याय होगा, सही समय का इंतजार करें.'वादाखिलाफी पर दर्ज हो धोखाधड़ी का केस'
अतिथि विद्वानों के सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने पर पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि, 'वोट लेने से पहले वादा किया था तो वादा पूरा कीजिए, आपकी नैतिक जवाबदारी है. 10 दिन में कर्ज माफ कर देंगे नहीं किया, 90 दिन में नियमित करेंगे, नहीं किया है तो ये धोखाधड़ी है. वादा खिलाफी को लेकर आप पर धोखाधड़ी का केस दर्ज होना चाहिए. जनता ने जिन वादों पर वोट दिया है उनको पूरा करना चाहिए.'

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First published: December 9, 2019, 8:42 PM IST
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