MP विधानसभा उपचुनाव से पहले अतिथि शिक्षकों-पटवारियों ने शिवराज सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, जानें वजह
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MP विधानसभा उपचुनाव से पहले अतिथि शिक्षकों-पटवारियों ने शिवराज सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, जानें वजह
MP सीएम शिवराज सिंह चौहान (फाइल फोटो)

अतिथि विद्वान (Guest teacher), अतिथि शिक्षक (Guest scholar) और पटवारियों ने सोशल मीडिया (Social Media) पर सरकार के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है. सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ सोशल मीडिया पर हजारों ट्वीट (Tweet) किए जा रहे हैं.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भले ही अभी उपचुनाव (By Election) की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है. लेकिन ऐलान से पहले ही सरकार के खिलाफ अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers),अतिथि विद्वानों और पटवारियों ने मोर्चा खोल लिया है. दरअसल इनका कहना है कि पिछले विधानसभा चुनाव में हार के बाद विपक्ष में रही भाजपा (BJP) सत्ता में वापसी के बाद से अतिथि विद्वानों अतिथि शिक्षकों और पटवारियों से किए हुए अपने वादे को भूल गई है. उस वादे को याद दिलाने अब प्रदेश भर में अतिथि शिक्षकों, अतिथि विद्वानों और पटवारियों ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है.

75 हज़ार अतिथि शिक्षक सरकार के खिलाफ करेंगे प्रचार-प्रसार
प्रदेश भर में अतिथि शिक्षक सालों से नियमितीकरण (Regularization) की बाट जोह रहे हैं. अतिथि शिक्षकों की ना तो कांग्रेस (Congress) ने और ना ही भाजपा ने सुध ली है. भाजपा जब विपक्ष में थी तब अतिथि शिक्षकों को नियमित करने के आश्वासन भी किए थे. राज्य सभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने अतिथि शिक्षकों के लिए सड़कों पर उतरने की बात कही थी. अब भाजपा के फिर से सत्ता में वापसी के बाद भी अतिथि शिक्षकों की किसी ने सुध नहीं ली है. ऐसे में अतिथि शिक्षक अब ज्योतिरादित्य सिंधिया और सरकार के खिलाफ उप-चुनाव में प्रचार-प्रसार करने के लिए उतरेंगे. उनका कहना है कि वो जनता को सरकार और सिंधिया की वादा खिलाफी के बारे में बताएंगे.

अतिथि विद्वानों और पटवारियों का सोशल मीडिया पर हल्ला बोल जारी
प्रदेश भारतीय अतिथि विद्वान नियमितीकरण की मांग को लेकर जब कांग्रेस सरकार (Congress Government) सत्ता में थी तब ये लोग धरने पर थे. उस समय भारतीय जनता पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं और शिवराज सिंह चौहान ने सत्ता में आने पर नियमितीकरण का वादा किया था. वहीं जाते-जाते कांग्रेस सरकार ने अतिथि शिक्षकों के नियमित करने का प्रस्ताव तैयार कर दिया था. लेकिन अब तक वर्तमान भाजपा सरकार में इस प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगी है ऐसे में अतिथि विद्वान अब भाजपा सरकार को अपना बार-बार बाद अपना वादा याद दिला रही है लेकिन अब तक उनके नियमितीकरण का रास्ता साफ नहीं हो सका है. वेटिंग लिस्ट वाले पटवारियों को अब तक नियुक्तियां नहीं दी गई है वहीं नियुक्तियों की तारीख भी निकल चुकी है. खाली पदों को वेटिंग लिस्ट वाले पटवारियों से भरने के लिए विभाग के अधिकारी तैयारी नहीं है ऐसे में अब पटवारियों ने सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान तेज कर दिया है.



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उप-चुनाव में घर-घर जाकर करेंगे वोट न देने की अपील
अतिथि विद्वान,अतिथि शिक्षक और पटवारियों ने सोशल मीडिया (Social Media) पर सरकार के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है. सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ सोशल मीडिया पर हजारों ट्वीट (Tweet) किए जा रहे हैं. तो वहीं अतिथि शिक्षक, अतिथि विद्वान और पटवारियों का कहना है कि उपचुनाव में 24 सीटों पर हजारों की तादाद में अभ्यर्थी ना सिर्फ सरकार का विरोध (Boycott election) करेंगे. बल्कि अभ्यर्थियों के परिवार और उनके रिश्तेदार भी चुनाव का बहिष्कार करेंगे. सरकार को यह भी बताने की कोशिश की जाएगी कि अब चुनावी वादे से वोट नहीं डाला जाएगा जब तक नियुक्तियां और नियमितीकरण नहीं हो जाएगा तब तक चुनाव का बहिष्कार रहेगा.
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