HARDA : कृषि मंत्री अपने इलाके में नहीं रोक पाए घोटाला, गेहूं के बाद चना खरीद में धांधली!
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HARDA : कृषि मंत्री अपने इलाके में नहीं रोक पाए घोटाला, गेहूं के बाद चना खरीद में धांधली!
HARDA : कृषि मंत्री कमल पटेल के क्षेत्र में चना खरीदी में घोटाला

इस घोटाले (scam) और गड़बड़ी मामले में विभाग कार्रवाई कर चुका है. जिम्मेदारों को हटाकर उनके खिलाफ जांच चल रही है. लेकिन कांग्रेस (congress) ने इसे उपचुनाव से पहले मुद्दा बना लिया है.

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भोपाल.मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के कृषि मंत्री कमल पटेल (kamal patel) के गृह जिले हरदा में गेहूं खरीदी में हुए घोटाले के बाद चना खरीदी में फर्जीवाड़ा सामने आया है. कांग्रेस ने कमल पटेल से नैतिकता के आधार पर जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा मांगा है. कांग्रेस (congress) का आरोप है कि जब कृषि मंत्री अपने ही क्षेत्र में घोटाले और फर्जीवाड़े को रोकने में नाकाम हैं तो वह प्रदेश के कृषि विभाग की कमान कैसे संभालेंगे.

हरदा की सेवा सहकारी समिति चौकड़ी, शाखा खिरकिया में समर्थन मूल्य पर चना खरीद में धांधली सामने आई है. समिति ने 33 हज़ार 339 क्विंटल चना खरीदी बतायी. लेकिन यह आंकड़ा अधिकतम 29 हज़ार 400 क्विंटल के आसपास ही प्रमाणित हो रहा है. 2 हज़ार 804 क्विंटल चना के बिल गलत बनाए गए.ये फर्जीवाड़ा सामने आने पर उन्हें निरस्त करने की बात सामने आयी है. चौंकाने वाली बात है कि यह वही संस्था है जिसमें पिछले साल भी गड़बड़ी सामने आई थी और किसानों का भुगतान अटक गया था.

कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने बताया कि प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल के गृह जिले हरदा में पहले गेहूं खरीदी में गड़बड़ी सामने आयी थी और अब चना खरीद में फर्जीवाड़ा सामने आया है. इस फ़र्ज़ीवाडे के आरोपियों को कृषि मंत्री का संरक्षण बताया जा रहा है. प्रदेश के कृषि मंत्री तत्काल इस फर्जीवाड़े पर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें. इस समिति को खरीदी केंद्र नहीं बनाने की सिफारिश भी हुई थी. लेकिन फिर भी इसे राजनैतिक दबाव में खरीद का काम सौंपा गया. सलूजा ने कहा  कि कृषि मंत्री के ख़ुद के क्षेत्र में ये हाल है तो बाक़ी प्रदेश के अन्य हिस्सों का ख़ुद समझा जा सकता है.
विभाग कर चुका है कार्रवाई


इस घोटाले और गड़बड़ी मामले में विभाग कार्रवाई कर चुका है. जिम्मेदारों को हटाकर उनके खिलाफ जांच चल रही है. लेकिन कांग्रेस ने इसे उपचुनाव से पहले मुद्दा बना लिया है.
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