MP: स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया ये कैंपेन, समय रहते पता चला तो मुमकिन है बीमारी का इलाज

एचआईवी की रोकथाम के लिए मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया ये कैंपेन
एचआईवी की रोकथाम के लिए मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया ये कैंपेन

स्वास्थ्य विभाग ने 'नो योर एचआईवी स्टेटस' कैंपेन (Campaign) शुरू किया है. एचआईवी के बढ़ते मरीज़ों को देखकर विभाग ने इस मुहिम की शुरुआत की है. विभाग का मानना है कि समय रहते पता चले तो ऐसी गंभीर बीमारी का इलाज भी संभव है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में हर बीमारी (Disease) का इलाज मिल सके इसके लिए सरकार ने स्वास्थ्य अधिकारियों के कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. एक तरफ सरकार का एजेंडा है प्रदेश की जनता को 'राइट टू हेल्थ' (Right to health देना, तो वहीं दूसरी तरफ परेशानी ये है कि लोगों को अपनी बीमारी का स्टेटस पता ही नहीं है. यदि समय रहते पता चल जाए तो गंभीर बीमारियों का भी इलाज मुमकिन है. जबकि प्रदेशवासियों को खुद उनकी बीमारी का पता चले इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लोगों को जागरूक करने के काम में लगे हैं. विभाग के प्रयासों पर पहली बार प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने 'नो योर एचआईवी स्टेटस' कैंपन शुरु किया है. एचआईवी (HIV) के बढ़ते मरीज़ो को देखकर विभाग ने इस मुहिम की शुरुआत की है.

हर साल बढ़ते जा रहे मरीज़
प्रदेश में एचआईवी संक्रमित मरीजों की संख्या बीते कुछ वर्षों से लगातार बढ़ती जा रही है. बीते 10 सालों से एचआईवी मरीजों की संख्या का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है. विभाग का लक्ष्य है कि लोगों की सोच में एचआईवी पॉजिटिव होने को लेकर भ्रम खत्म किए जाए. स्वास्थ्य अधिकारी एचआईवी पॉजिटिव मरीज़ को ये समझाने में लगे हैं कि अगर सही समय पर बीमारी का ट्रीटमेंट करा लिया जाए तो ये सही भी हो सकती है. इस कैंपेन के ज़रिए एचआईवी संक्रमित व्यक्ति को निशुल्क अपना पंजीकरण कराना होगा और अगर एचआईवी पॉजिटिव पाया जाता है तो सरकार की ओर से फ्री ट्रीटमेंट भी शुरू कर दिया जाएगा.

सोमवार से शुरू हुआ कैंपेन
एचआईवी पॉजिटिव यानी एड्स अब असाध्य बीमारी नहीं रही. टाइम पर इस बीमारी का सही उपचार मिलने से मरीज़ इस रोग से भी जीत सकता है. इसके लिए 'नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन' ने हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ मिलकर 'नो योर एचआईवी स्टेटस' कैंपेन की शुरुआत की है. सोमवार से इस कैंपेन की शुरुआत भोपाल सहित प्रदेश के दस जिलों में की गई. इस कैंपेन के तहत व्यक्ति के खून की जांच कर दो दिन में रिपोर्ट मालूम कर सकते हैं.



जागरुकता ही बचाव
भोपाल सीएमएचओ सुधीर डेहरिया का कहना है इस कैंपेन के माध्यम से लोगों को एचआईवी के प्रति जागरूक करना है. विभाग की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में हर साल एचआईवी के करीब 6 हजार नए मरीज सामने आ रहे हैं, वहीं करीब 18 हजार मरीज ऐसे हैं, जो एक बार दवा लेने के बाद गायब हो जाते हैं. कुछ लोगों में एचआईवी संक्रमण के बाद महीनों तक बीमारी के लक्षण नहीं दिखाई देते.

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