MP में बर्बाद हुईं स्वास्थ्य सेवाएं, अब AIIMS ने लगाया बोर्ड- ‘अभी सब बेड फुल हैं, असुविधा के लिए खेद है’

AIIMS के बाहर लगा बोर्ड कोरोना की सच्चाई बयां कर रहा है.

AIIMS के बाहर लगा बोर्ड कोरोना की सच्चाई बयां कर रहा है.

मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बर्बाद हो गई हैं. राजधानी भोपाल सहित शहर के सभी अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं. अब AIIMS ने बोर्ड लगाकर मरीजों को भर्ती करने से इनकार कर दिया है.

  • Last Updated: April 23, 2021, 12:24 PM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं. अब शहर के सबसे बड़े अस्पताल AIIMS ने परिसर के बाहर बोर्ड लगा दिया है. बोर्ड पर लिखा है- ‘अभी सब बेड फुल हैं. असुविधा के लिए खेद है.’ करीब-करीब पूरे प्रदेश के अस्पतालों की भी यही हालत है.

मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की व्यवस्था भी पूरी तरह से गड़बड़ा गई है. अस्पतालों में डिमांड से कम ऑक्सीजन मिलने के कारण हड़कंप मचा हुआ है. ऑक्सीजन की पूर्ति नहीं होने के कारण अब अस्पतालों ने भी नए मरीज को भर्ती करने से इंकार कर दिया है. बता दें, भोपाल में 100 टन ऑक्सीजन की हर रोज जरूरत है, लेकिन 80 टन की ही सप्लाई हो रही है. कई अस्पतालों में कुछ ही घंटों की ऑक्सीजन बाकी है.

ऑक्सीजन सेफ्टी ऑडिट कमिटी गठित

RKDF में ऑक्सीजन की कमी के चलते खाली पड़े 95 बेड पर नए मरीज को भर्ती नहीं किया जा रहा. यहां 225 बेड की व्यवस्था है. इनमें 120 मरीज भर्ती और 95 खाली हैं. बता दें, कल इंदौर के बड़े अस्पताल ने भी नो-एंट्री का बोर्ड लगा दिया था.इधर, कोविड अस्पतालों में सुरक्षा के लिए ऑक्सीजन सेफ्टी ऑडिट कमिटी गठित की गई है. भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने अपर आयुक्त नगर निगम सीपी गोहल की अध्यक्षता में ये कमेटी बनाई है. कमेटी ऑक्सीजन की स्थिति सुधारने और व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए जिम्मेदार होगी.
इतनी हुए एक्टिव मरीजों की संख्या

मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के एक्टिव मरीजों की संख्या 84957 हो गई है. 9620 मरीज़ अस्पताल से स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं. इंदौर मे 2107, भोपाल में 1008, जबलपुर में 462, ग्वालियर में 714 मरीज़ स्वस्थ होकर घर लौट चुक हैं. प्रदेश भर में 24 घंटों में कोरोना संक्रमित मरीजों के 12384 नए मामले सामने आए. इंदौर में 1781, भोपाल में 1739, जबलपुर में  803, ग्वालियर में 1190 कोरोना पॉज़िटिव मिले. 75 लोगो की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई.

BHEL को बंद करने की मांग



भेल में 200 से ज्यादा अधिकारी कर्मचारी संक्रमित हैं. विधायक कृष्णा गौर ने कलेक्टर को पत्र लिखकर कारखाना बंद करने की मांग की है. संक्रमित में अब तक 12 लोगों की जान जा चुकी है. कृष्णा गौर ने भेल टाउनशिप में कारखाने से खतरा बताया है.
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