किराए के मकान में चल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा, पुलिस पहुंची तो पकड़ाया एक और हनी ट्रैप गैंग

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

भोपाल में सेक्स रैकेट (Sex Racket) की आड़ में ब्लैकमेलिंग का धंधा चलाने वाले चौथी हनी ट्रैप (Honey Trap Case) गैंग का हुआ खुलासा. गैंग में 7 पुलिसकर्मियों के भी शामिल होने की आशंका. कारोबारी और डॉक्टर को ब्लैकमेल करने के आरोप की पुलिस कर रही जांच.

  • Last Updated: September 27, 2019, 10:17 AM IST
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भोपाल. मध्यप्रदेश हनी ट्रैप (Honey Trap Case) गैंग का अड्डा बन गया है. यहां एक के बाद एक हनी ट्रैप गैंग के खुलासे हो रहे हैं. इंदौर के बाद भोपाल में अब तक तीन गैंग का पर्दाफाश हो चुका है. गुरुवार को सेक्स-रैकेट की आड़ में ब्लैकमेलिंग का धंधा चलाने वाली चौथी गैंग भी पकड़ी गई. पुलिस के मुताबिक इंदौर हनी ट्रैप मामले के बाद भोपाल में पकड़े गए सभी गैंग के तार एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. जिस्मफरोशी की आड़ में रसूखदारों को ब्लैकमेल करने का काम किया जा रहा था.

एक के बाद एक खुलासे
इंदौर में हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश हुआ था. इस गैंग की निशानदेही पर भोपाल की निशातपुरा पुलिस ने करोंद से दूसरी गैंग के 2 कॉल गर्ल्स और 2 दलालों को गिरफ्तार किया. इस कार्रवाई को कुछ ही दिन बीते थे कि कोलार इलाके के दानिश नगर में तीसरी गैंग का खुलासा हुआ. इस गैंग में नौ कॉल गर्ल्स और 11 पुरुष शामिल थे. आपको बता दें कि इंदौर के हाईप्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में प्रदेश के कई आला अफसरों और नेताओं के नाम सामने आए हैं. इस मामले की जांच एसआईटी (SIT) कर रही है. वहीं, भोपाल पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम भोपाल में पकड़ी गई अन्य गैंग की जांच-पड़ताल में जुटी है.

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हनीट्रैप गैंग पार्ट-4


26 सितंबर को चौथी हनी ट्रैप गैंग पार्ट-4 का खुलासा भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में हुआ है. पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी थी कि मुनमुन शादी हाल के पीछे राजवंश कॉलोनी में एक महिला किराये के मकान में सेक्स रैकेट का संचालन कर रही है. इस सूचना के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर सात महिलाओं और पांच पुरुष को आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार किया. आरोपियों के पास से 13 मोबाइल फोन जब्त किए गए. सभी महिलाएं भोपाल की रहने वाली हैं. ये सभी कॉल गर्ल्स बताई जा रही हैं. इनके तार निशातपुरा के करोंद और कोलार के दानिश कुंज से पकड़ी गई गैंग से जुड़े हैं.

भोपाल पुलिस की जांच में खुलासा
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि निशातपुरा के करोंद में पकड़ी गई गैंग ने दो कारोबारी से पांच लाख रुपए ऐंठे थे. वहीं कोलार की गैंग ने एक डॉक्टर को फंसा कर 50 हजार रुपए वसूले थे. जांच में यह बात भी पता चली है कि निशातपुरा और कोलार की गैंग का एक टीआई और 6 पुलिसकर्मी साथ दे रहे थे. गैंग में लिप्त पुलिसकर्मियों की विभागीय जांच की जा रही है.

18 सितंबर को हुआ खुलासा
1- इंदौर में 18 सितंबर को पहली हनी ट्रैप गैंग का खुलासा हुआ था. इंदौर पुलिस ने दो महिलाओं, एक पुरुष और भोपाल से तीन महिला के साथ एक पुरुष को गिरफ्तार किया था. गैंग ने कई बड़े राजनेताओं और नौकरशाहों को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल किया था.
2- 24 सितंबर को दूसरी हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश भोपाल की निशातपुरा थाना पुलिस ने किया था. इलाके के करोंद में पकड़ी गई गैंग में दो कॉल गर्ल्स और दो दलाल शामिल थे. इस गैंग ने दो कारोबारियों को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल किया था.
3- 25 सितंबर को तीसरी गैंग का खुलासा भोपाल के ही कोलार इलाके में हुआ था. कोलार इलाके से पकड़ी गई गैंग का कनेक्शन निशातपुरा के करोंद गैंग से जुड़े थे.

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