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हनी ट्रैप: गोरा रंग और नीली आंखों के चलते लगती थी रूसी, ऐसे फांसती थी अपने हुस्न के जाल में

News18 Madhya Pradesh
Updated: September 22, 2019, 7:17 PM IST
हनी ट्रैप: गोरा रंग और नीली आंखों के चलते लगती थी रूसी, ऐसे फांसती थी अपने हुस्न के जाल में
हनी ट्रैप में खुले कई राज

पूछताछ में महिला (Woman) ने बताया कि उसके गोरे रंग (Fair Color) की वजह से अक्सर लोग उसे रशियन (Russian) समझ लेते थे और इसकी वजह से उसे कई बार बेहद आलीशान होटलों (Hotels) और पार्टियों में ले जाते थे.

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भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हनी ट्रैप( Honey Trap) के मामले में गिरफ्तार महिलाओं से जुड़े नए-नए राज सामने आ रहे हैं. इस गिरोह की एक महिला के बारे में पता चला है कि इसने अपने गोरे रंग का फायदा उठाया. इसने अपने रंग के जाल में फंसाने लिए खुद को रशियन बताया.

गोरे रंग की वजह से पार्टियों में जाती थी महिला
सूत्रों के माने तो पूछताछ में महिला ने बताया कि उसके गोरे रंग की वजह से अक्सर लोग उसे रशियन समझ लेते थे और इसकी वजह से उसे कई बार बेहद आलीशान होटलों और पार्टियों में ले जाते थे. गिरोह की यह महिला अपने बालों को हमेशा वैसा ही कलर लगा कर रखती थी, जैसा कि अमूमन रशियन महिलाओं के बाल दिखते हैं.

पार्टियों में पहनती थी छोटे कपड़े

ये महिला अपनी आंखों की पुतलियों को नीला करने के लिए लेंस का भी प्रयोग करती थी, जिससे ये पूरी तरह से रशियन लग सके. गिरोह की यह महिला अक्सर पार्टियों में छोटे कपड़े पहन कर ही जाती थी, ताकि किसी को शक न हो कि वह भारतीय है. उसने यह भी बताया कि लहजे में रशियन एक्सेंट न होने की वजह से कई बार उसे झूठ भी बोलना पड़ता था कि वह लंबे समय से भारत में रह रही है. इसी वजह से उसकी बोली में रशियन एक्सेंट नहीं आता.

पड़ोसी भी नहीं जानते थे सच्चाई
इस महिला के पड़ोसियों का कहना है कि जब सुबह वह कॉलोनी में मॉर्निंग वॉक या जॉगिंग के लिए निकलती थी तो सभी मिलने वालों को अंग्रेज़ी में ही गुड मार्निंग विश करती थी. उसकी लाइफस्टाइल से लेकर कपड़े पहनने के तरीके तक, सबकुछ बेहद हाई प्रोफाइल रहता था. पड़ोसियों की मानें तो कई दफा उसे देख कर कॉलोनी में रहने वाले लोग भी भ्रमित हो जाते थे कि वह भारतीय है या विदेशी.
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बता दें कि बड़े अधिकारियों, नेताओं और व्यवसायियों को अपने हुस्न के जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इंदौर और भोपाल की पुलिस के साथ ही एटीएस ने आरती दयाल, मोनिका यादव, श्वेता जैन समेत चार महिलाओं को गिरफ्तार किया था. इनमें एक छात्रा भी शामिल है.

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First published: September 22, 2019, 7:01 PM IST
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