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कोरोना के इलाज में किसान के कैसे खर्च हुए 8 करोड़ रुपये, जानें पूरा हिसाब, फिर भी नहीं बची जान

कोरोना के इलाज में किसान के कैसे खर्च हुए 8 करोड़ रुपये, जानें पूरा हिसाब, फिर भी नहीं बची जान

Rewa News: रीवा के किसान धर्मजय सिंह ने कोरोना के इलाज में खर्ज किए 8 करोड़ रुपये, नहीं बची जान.

Rewa News: रीवा के किसान धर्मजय सिंह ने कोरोना के इलाज में खर्ज किए 8 करोड़ रुपये, नहीं बची जान.

Rewa farmer dharamjay singh corona treatment story: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा (Rewa) के कोरोना पीड़ित किसान धर्मजय सिंह के इलाज में परिवार ने 8 करोड़ रुपये खर्च कर दिए लेकिन जान नहीं बचा सके. तकरीबन 50 एकड़ जमीन भी बेची और करीब 8 माह इलाज चला. अब बड़े भाई प्रदीप सिंह ने बताया है कि आखिर इतने पैसे किन चीजों में खर्च हुए. प्रदीप का कहना है कि चेन्नई के अस्पताल में रोज ट्रीटमेंट की फीस करीब 3 लाख रुपए तक थी. एयर एंबुलेंस से रीवा से चेन्नई लेकर जाने में करीब 35 लाख खर्च हो गए. हर रोज खाने में ही करीब 15-16 लाख लग जाते थे. पूरे परिवार ने छोटे भाई को बचाने की बहुत कोशिश की थी लेकिन धर्मजय सिंह जिंदगी की जंग हार गए.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा (Rewa) के धर्मजय सिंह पेशे से किसान थे. कोरोना से उनका निधन हो गया. धर्मजय साल 2021 के अप्रैल में कोरोना वायरस की चपेट में आ गए थे. उन्हें इलाज के लिए रीवा के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मगर डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए कहीं और ले जाने की सलाह दी. फिर उन्हें चेन्नई के अस्पताल में एडमिट कराया गया. यहां उन्होंने 8 महीने तक मौत से जंग लड़ी. इलाज में परिवार ने 8 करोड़ रुपये खर्च किए. तकरीबन 50 एकड़ जमीन भी बेची, बावजूद इसके उनकी जान नहीं बची. अब उनके बड़े भाई प्रदीप सिंह ने बताया कि आखिर इतने पैसे किन चीजों में खर्च हुए.

भाई की जान बचाने की पूरी कोशिश परिवार के हर सदस्य ने की. चेन्नई के अस्पताल में रोज ट्रीटमेंट की फीस करीब 3 लाख रुपए तक थी. इसमें एक्मो सिस्टम में रखने के चार्ज के साथ डॉक्टर्स के राउंड की फीस भी शामिल थी. ऑक्सिजनेटर चेंज करने की फीस अलग थी. इसमें इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए महीने में 3-4 बार इसे बदलते हैं. इसमें हर महीने 70-80 लाख रुपए लग जाते थे. एक्मो से भाई बाहर आए तो अस्पताल का हर दिन का खर्च एक लाख रुपए के आसपास आ गया.

गांव वालों ने भी की मदद

खाने में हर दिन का 15-16 हजार रुपए लग जाते थे. बाहर के डॉक्टर के कॉल की फीस भी लगी. 35 लाख रुपए एयर एंबुलेंस से रीवा से चेन्नई में भर्ती करने का लगा गया. इलाज में मदद के लिए गांव वाले भी आगे आए. परिवार-रिश्तेदारों ने भी पैसे जुटाए. करीब 3 लाख रुपये इकमो सिस्टम की रोज की फीस थी. उनका कहना है कि चेन्नई में रहने के लिए किराए पर फ्लैट लिया था. यहां रहने-खाने पर अलग से खर्च हुआ.

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बता दें कि चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल में  धर्मजय सिंह का इलाज लंदन के डॉक्टर की मॉनिटरिंग में हो रहा था. डॉक्टर लंदन से विजिट भी करते थे. उनके इलाज के लिए कई अन्य देशों के डॉक्टरों से भी सलाह ली जाती थी. धर्मजय सिंह विंध्य क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों में अपना नाम रखते हैं. उनके परिवार के पास तकरीबन 200 एकड़ जमीन है. इस जमीन पर स्ट्रॉबेरी और गुलाब की खेती होती है. उन्होंने खेती में अलग-अलग तरह के प्रयोग किए, इसलिए उन्हें राष्ट्रपति के हाथों सम्मान भी प्राप्त हुआ था.

Tags: Corona Cases, Mp news, Rewa News

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