प्रमुख राज्यों के विधानसभा चुनाव में एमपी के नेताओं का कितना अहम रहा रोल?

एमपी के नेताओं ने उन राज्यों में पार्टी के लिए भूमिका निभाई, जहां विधानसभा चुनावों के नतीजे आ रहे हैं.

एमपी के नेताओं ने उन राज्यों में पार्टी के लिए भूमिका निभाई, जहां विधानसभा चुनावों के नतीजे आ रहे हैं.

Assembly Elections Results : पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे आना शुरू हो गए हैं. हालांकि इन राज्यों में मध्य प्रदेश शामिल तो नहीं है, लेकिन एमपी के नेताओं ने अन्य राज्यों के चुनावों में अहम ज़िम्मेदारी निभाई है.

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भोपाल. पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के सिलसिले के बीच मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि राज्य के प्रमुख नेताओं ने इन चुनावी राज्यों में कैसे और कितना दम दिखाया. मध्य प्रदेश के दमोह में उपचुनाव की हवा ज़रूर रही, लेकिन देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत प्रदेश बीजेपी के दिग्गज नेताओं के हिस्से में भी अहम ज़िम्मेदारियां रहीं. अब देखना दिलचस्प होगा कि आखिर उन सीटों के नतीज़े क्या आते हैं.

किन नेताओं पर रही नज़र?

एमपी से सीएम शिवराज, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा प्रमुख तौर पर चुनाव प्रचार के दौरान काफी सक्रिय रहे. सीएम शिवराज जहां स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल थे और उन्होंने असम, केरल से लेकर पश्चिम बंगाल तक चुनाव प्रचार किया तो वहीं कैलाश विजयवर्गीय प्रमुख तौर पर बंगाल के प्रभारी रहे.

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शिवराज और विजयवर्गीय की अहम भूमिका के अलावा, भारतीय जनता पार्टी ने नरोत्तम मिश्रा को बंगाल के 7 ज़िलों की 57 विधानसभा सीटों का प्रभारी बनाया था. वहीं, मध्य प्रदेश से ही ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पार्टी ने असम के चुनाव का प्रभार सौंपा था.


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मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान.


शिवराज ने कहां दिखाया दम?



भाजपा के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में बड़े नेताओं के साथ ही शिवराज का नाम भी शुमार रहा. उन्होंने असम की पलासबाड़ी, नाहरकटिया, दुलियाजान, डिब्रूगढ़ विधानसभा और गुवाहाटी में पार्टी के लिए चुनाव प्रचार किया. इसके अलावा, शिवराज ने केरल के बेपूर विधानसभा, कोंगद विधानसभा, चेलाक्कारा, नट्टीका विधानसभा में भी चुनावी सभाएं कीं.

बंगाल में शिवराज की ताल

पांच चुनावी राज्यों में सबसे ज़्यादा अहम पश्चिम बंगाल ही रहा और यहां भाजपा ने पूरा ज़ोर लगाकर चुनाव लड़ा. यहां शिवराज ने मोयना, खेजुरी, धुलागोरी मोड़, आलमपुर और हावड़ा साउथ जैसी विधानसभाओं में प्रचार किया. इसके साथ ही धुलागोरी मोड़ से हावड़ा साउथ तक परिवर्तन रैली भी निकाली.

मिश्रा का क्या रहा जलवा?

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को बंगाल में बड़ी ज़िम्मेदारी पार्टी ने दी थी. मिश्रा ने आसनसोल, दुर्गापुर, मिदनापुर, वर्धमान, पुरुलिया, 24 परगना, बीरभूम ज़िलों की विधानसभाओं में रैली और रोड शो किए. उन्होंने छोटी बड़ी करीब 50 रैलियां कीं और एक दर्जन से ज्यादा रोड शो किए. बताया गया है कि इस दौरान करीब 10 हज़ार कार्यकर्ताओं को उन्होंने बीजेपी में शामिल कराया.
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