मध्य प्रदेश और राजस्थान में कितना कामयाब रहा राहुल गांधी का 'टेम्पल रन'?
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राहुल गांधी का ज्यादातर मंदिर दौरा राजस्थान और मध्य प्रदेश में था और इन मंदिर दौरे के प्रभाव वाली अधिकतर सीटें कांग्रेस के खाते में गईं.

  • News18India
  • Last Updated: December 12, 2018, 11:00 AM IST
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विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की मंदिर-मंदिर घूमने की रणनीति निर्णायक साबित हुई. चुनाव प्रचार में राहुल गांधी ने जिन इलाकों में मन्दिरों के दर्शन किए, उनके प्रभाव वाली अधिकतर सीटें कांग्रेस ने जीती. राहुल गांधी का ज्यादातर मंदिर दौरा राजस्थान और मध्य प्रदेश में था और इन मंदिर दौरे के प्रभाव वाली अधिकतर सीटें कांग्रेस के खाते में गईं.

राजस्थान में  कितना कामयाब रहा राहुल गांधी का मंदिर दौरा?
राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार में राजस्थान के चार से ज़्यादा ज़िलों के अलग अलग मन्दिरों के दर्शन किए थे जिसका प्रभाव राजस्थान विधानसभा की 46 सीटों पर था.

चुनाव प्रचार के लिए राहुल गांधी ने मन्दिर दर्शन के लिए जिन ज़िलों को चुना था, उनमें अजमेर, पुष्कर, और बांसवाड़ा ज़िले अहम थे, जहां बीजेपी का दबदबा था लेकिन राहुल गांधी ने इन ज़िलों में मंदिर मंदिर घूमकर सियासी समीकरण ही पलट दिया.
इन 46 सीटों पर कांग्रेस 26 सीटों पर जीत का परचम लहराने में कामयाब हुई. जबकि बीजेपी को 13 सीटों का नुक़सान झेलना पड़ा और वो 20 सीटों पर ही सिमट कर रह गई.



मध्य प्रदेश में भी मंदिर दर्शन की उनकी रणनीति कामयाब रही?
मध्य प्रदेश के नतीजों में राहुल गांधी का मंदिर दौरे का राजस्थान के नतीजों से भी अच्छा रहा. राहुल गांधी ने जिन मन्दिरों के दर्शन किए उनके आसपास की ज्यादातर सीटें कांग्रेस को गईं. राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के जिन इलाक़ों में मन्दिरों के दर्शन किए उनका प्रभाव 47 सीटों पर था. जिनमें कांग्रेस ने 13 सीटों के फायदे के साथ 25 सीटों पर जीत दर्ज की. जबकि बीजेपी को 12 सीटों का नुक़सान उठाना पड़ा और वो 21 सीटें ही जीत पाई.

राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत ही ओंकारेश्वर मंदिर के दर्शन के साथ की थी. इसके बाद वो दतिया में पीताम्बरा पीठ के दर्शन करने भी पहुंचे थे. राहुल गांधी ने उज्जैन में महाकाल का भी आशीर्वाद लिया था.

कर्नाटक और गुजरात चुनाव के बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधान सभा चुनाव के नतीजों ने साबित कर दिया कि राहुल गांधी का टेम्पल रन लोगों का उनकी तरफ ध्यान खींच रहा है. ये रणनीति चुनाव में जीत के लिए निर्णायक साबित हो रही है.  ऐसे में 2019 के लोक सभा में भी बड़ा फैक्टर साबित हो सकता है.
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