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अपने ही घर में 3 दिन से भूखी थीं 70 साल की बीमार महिला, भोपाल पुलिस ने की मदद तो मिली जिंदगी

चंद्रप्रभा नाम की ये महिला महाराष्ट्र की रहने वाली है.
चंद्रप्रभा नाम की ये महिला महाराष्ट्र की रहने वाली है.

Emotional Story: भोपाल के स्वदेश नगर में रहने वाली बुजुर्ग महिला का देखभाल करने के लिए एक पोता है जो कुछ दिनों से बाल सुधार गृह में है. यही कारण है कि बुजुर्ग महिला घर में तीन दिनों से भूखी-प्यासी थीं.

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भोपाल. गुंडे-बदमाशों के साथ सख्ती बरतने वाली पुलिस (MP Police) कोरोनाकाल में जनता के लिए फरिश्ता बनी रही. अब फिर से एक ऐसी ही मिसाल उसने फिर कायम की. भोपाल पुलिस का मानवीय चेहरा फिर सामने आया जब उसने 70 साल की एक गरीब बुज़ुर्ग महिला को नयी ज़िंदगी दी.

भोपाल पुलिस को सूचना मिली कि एक घर में 70 साल की बुजुर्ग महिला अकेली रहती हैं और वो बहुत बीमार हैं. उन्होंने 3 दिन से कुछ खाया नहीं है तो पुलिस ने तत्काल इस सूचना को गंभीरता से लिया. मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मचारी ने महिला को अस्पताल पहुंचाया. उनका इलाज कराया. भरपेट खाना खिलाया और फिर महिला को फौरन वृद्धाश्रम में आश्रय दिलवाया.

ऐसे मिली मदद...
चाइल्ड लाइन 1098 पर थाना अशोका गार्डन के एसआई उमेश चौहान ने कॉल कर बताया कि स्वदेश नगर के मकान नंबर 29 में एक बुज़ुर्ग महिला किराये से रहती हैं. उनकी उम्र करीब 70 वर्ष है. वह  काफी बीमार हैं और तीन दिन से कुछ खाया-पीया नहीं है. वो अकेली रहती हैं.
सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन के टीम मेंबर मोहसिन शेख फौरन थाना अशोका गार्डन पहुंचे. वहां एसआई उमेश चौहान से मिले. इसके बाद एसआई उमेश चौहान अपनी टीम के साथ बीमार महिला के घर पहुंचे. पूरी टीम ने बुजुर्ग महिला चंद्रप्रभा की हालत जानी. महिला की हालत देखते हुए एसआई उमेश चौहान ने 108 पर जानकारी दी. इसके बाद बुजुर्ग महिला को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टर ने महिला का इलाज किया और दवा देने के बाद उनको छुट्टी भी दे दी.





3 दिन से भूखी थी महिला
बातचीत करने और डॉक्टर के इलाज के बाद पता चला कि चंद्रप्रभा के घर पर उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था. बीमार होने के कारण वो खाना नहीं बना पायीं, इसलिए 3 दिन से कुछ खाया भी नहीं था. भूखे होने के कारण बीमारी और कमज़ोरी और बढ़ गयी थी. इसलिए पुलिस ने उन्हें भरपेट खाना भी खिलाया. चंद्रप्रभा बोलता महाराष्ट्र की रहने वाली हैं. उनकी देखभाल के लिए कोई नहीं है इसलिए पुलिस ने उन्हें देखरेख के लिए वृद्धा आश्रम में पहुंचा दिया.

बुजुर्ग महिला का एक ही पोता
बुजुर्ग महिला का एक पोता है जो उनकी देखभाल और उनके साथ रहता था. लेकिन वह कुछ दिन से वो बाल सुधार गृह में है. यही कारण है कि बुजुर्ग महिला घर में अकेली थी. पुलिस बुजुर्ग महिला से उसके बाकी के रिश्तेदारों के बारे में जानकारी जुटा रही है. उनके पोते को चाइल्ड लाइन टीम ने बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया. समिति के आदेश पर बच्चे का कोविड टेस्ट करवा कर बाल निकेतन भेज दिया गया है.
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