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20-50 के फॉर्मूले में पास हो गए MP के IAS अफसर, किसी को नहीं भेजा जाएगा घर

Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 8, 2019, 3:47 PM IST
20-50 के फॉर्मूले में पास हो गए MP के IAS अफसर, किसी को नहीं भेजा जाएगा घर
केंद्र सरकार के 20-50 के फॉर्मूले पर एमपी के आईएएस अफसर फिट

म प्र (madhya pradesh) ने केंद्र सरकार (central government) को भेजी रिव्यू रिपोर्ट में लिखा सारे IAS अफसरों का कामकाज संतोषजनक रहा.कोई भी अधिकारी ऐसा नहीं है जिसे अनिर्वाय सेवानिवृत्ति (Compulsory retirement) दी जाए या जिन्हें काम में कुशल ना होने के कारण हटाया जाए.

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भोपाल.मध्यप्रदेश (Madhya pradesh) में पदस्थ IAS अफसर (IAS Officer) पास हो गए. वो मोदी सरकार के 20-50 के फॉर्मूले (20-50 formula) में वो फिट बैठे.कमलनाथ सरकार (kamalnath government) ने सबको पास कर दिया. सरकार का कहना है सभी अधिकारियों का कामकाज बेहतर है. कोई भी अफसर ऐसा नहीं जिसे ज़बरदस्ती रिटायर किया जाए. हालांकि इस रिपोर्ट से पहले दो तीन अफसरों को घर भेजा जा चुका है.

160 IAS अफसरों का रिव्यू
मध्यप्रदेश के IAS अफसर 20-50 के फॉर्मूले पर फिट निकले. 20 साल की नौकरी और 50 साल की उम्र के पैमाने पर इन अफसरों के कामकाज का आंकलन किया गया. सभी इसमें पास हो गए. प्रदेश सरकार ने अपनी रिपोर्ट केंद्र को भेज दी है. इसमें कहा गया कि प्रदेश के सभी IAS अफसरों का सेवाकाल में प्रदर्शन बेहतर रहा.
सब कर रहे हैं अच्छा काम

म प्र ने केंद्र सरकार को भेजी रिव्यू रिपोर्ट में लिखा सारे IAS अफसरों का कामकाज संतोषजनक रहा.कोई भी अधिकारी ऐसा नहीं है जिसे अनिर्वाय सेवानिवृत्ति दी जाए या जिन्हे काम में कुशल ना होने के कारण हटाया जाए. प्रदेश के ऐसे अधिकारियों का भी रिव्यू किया गया जिनकी सर्विस को अभी महज़ 15 साल ही हुए हैं.सामान्य प्रशासन विभाग ने पिछले साल जुलाई से दिसंबर तक औऱ जनवरी से जून तक की रिव्यू रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी है.

20-50 के फॉर्मूले के तहत IAS अफसरों का रिव्यू उनके काम के आधार पर किया गया है.प्रदेश भर के करीब 160आईएएस अधिकारियों का रिव्यू किया गया है..जिसमें 15साल वाले अधिकारियों को भी शामिल किया गया था.
मोदी सरकार की अच्छी पहल
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20-50 के फॉर्मूले पर भाजपा विधायक विश्वास सारंग का कहना है ये तो अच्छी है कि सब पास हो गए हैं. गुणवत्ता से ही शासन और प्रशासन चलता है.मोदीजी की पहल बहुत अच्छी है.आजादी के बाद सबसे बड़ी दिक्कत यही रही कि कभी अधिकारियों कर्मचारियों के कामकाज की अच्छे से समीक्षा नहीं की गयी.

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First published: November 8, 2019, 3:45 PM IST
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