झीलों की नगरी से गुमटियों का शहर बन गया भोपाल

भोपाल शहर जल्द ही गुमटीयों के शहर के नाम से पहचाना जायेगा. भोपाल की हर विधानसभा क्षेत्र में विधायकों और पूर्व विधायकों की शह पर जहां तहां अवैघ कब्जे किए जा रहे हैं.

Jitender Sharma | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 18, 2019, 7:39 PM IST
झीलों की नगरी से गुमटियों का शहर बन गया भोपाल
खूबसूरत झीलों की नगरी से अवैध गुमटियों का शहर बनता भोपाल
Jitender Sharma | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 18, 2019, 7:39 PM IST
भोपाल शहर जल्द ही गुमटीयों के शहर के नाम से पहचाना जायेगा. भोपाल की हर विधानसभा क्षेत्र में विधायकों और पूर्व विधायकों की शह पर जहां तहां अवैघ कब्जे किए जा रहे हैं. इन गुमटी माफीयाओं को भाजपा और कांग्रेस नेताओं का खुला संरक्षण मिल रहा है.  जिला प्रशासन और नगर निगम जब इन अवैघ गुमठीयों को हटाने की कार्रवाई करते है तो स्थानीय नेता निगम कर्मीयों के साथ मारपीटऔर बदसलूकी करते हैं. अकेले कोलार और बैरागढ़ क्षेत्र में ही दो हजार से अधिक अवैध गुमटियां और हाथ ठेले हैं. इन अवैध गुमटी और हाथ ठेले वालों से निगम को हर माह करीब 10 लाख रुपए की चपत लग रही है.  नेतागीरी की आड़ में कई ठेले और गुमटी वाले निगम को शुल्क अदा नहीं करते हैं और इसको नेताओं का खुला संरक्षण रहता है.

अवैध कब्जे, Illegal occupation
जिला प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते भाजपा के स्थानीय नेता


अतिक्रमण करने वाले के हक में खड़े होते हैं राजनेता

कुछ पार्षद और छुटभैये नेताओं ने कोलार के साथ पूरे भोपाल में अवैध गुमटियों का कारोबार चला रखा है.  हॉकर्स कॉर्नर की नई नीति में भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, मुख्य मार्गों, स्कूलों और अस्पतालों के साथ सरकारी दफ्तरों के 100 मीटर के दायरे में गुमटियां और ठेले नहीं लगाने का प्रावधान है. मगर पूरे शहर में अवैध गुमटी बाजार तेजी से पनप रहा है जिसमें प्रदेश की दोनों पाटीयों के पार्षदों और उनके समर्थकों के अवैध कब्जे है. वैसे तो हर वार्ड में व्यवस्थित हॉकर कॉर्नर बनाये जा रहें हैं पर राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है.

अवैध गुमटियों पर अपराधी तत्वों का जमाबडा

नगर निगम के कर्मचारी शहर की अवैध गुमटियों और ठेलों से 20 रूपए की रशीद काट कर पैसे बसूलते है मगर यह पैसे निगम के खाते में जमा नही होते है और पूरे शहर में इस तरह से करोडों रूपए की अवैध बसूली करके निगम के अफसर अवैघ गुमटी व्यापार को बढावा दें रहे हैं. वहीं नगर निगम की सीमा में गुमटी रखवाने पर स्थानीय नेता दो से तीन लाख रूपए तक ऐठतें है. इसमें उनके दलाल और गुमटी माफीया सक्रीय रहते है. वहीं शहर में इन अवैध गुमटियों पर अपराधी तत्वों का जमाबडा रहता है. पुलिस प्रशासन ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर इनके खिलाफ मुहीम शूरू की है जिसे स्थानीय नेता रोक रहें है और प्रशासन को खुलेआम धमकी दे रहें है.

ये भी पढ़ें-  क्या है पन्ना टाइगर रिजर्व के पितामह कहे जाने वाले T3 बाघ की दर्द भरी दास्तां...
Loading...

ये भी पढ़ें-  VIDEO: पैसा मांगने गई महिला तो कर दिया एसिड अटैक

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए भोपाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 18, 2019, 7:39 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...