सरकार की नाक के नीचे रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी, 30 हजार में 3 डोज बेच रहा था आरोपी

पुलिस अब कालाबाजारियों की पूरी चेन का पता लगा रही है.

पुलिस अब कालाबाजारियों की पूरी चेन का पता लगा रही है.

Bhopal. कोरोना मरीज़ों के लिए जीवन रक्षक रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए अभी तक क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है

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भोपाल. राजधानी भोपाल (Bhopal) में सरकार की नाक के नीचे जीवन रक्षक रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी (Black marketing) जारी है. पुलिस ने फिर एक युवक को दबोच कर उसके पास से तीन इंजेक्शन बरामद किए. आरोपी ने तीन इंजेक्शन 30 हजार रुपए में खरीदे थे और इन्हें 90 हजार में बेच रहा था.

मिसरोद थाना पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि 11 मील चौराहा मिसरोद के पास निर्मल प्रेम हॉस्पिटल के सामने एक लड़का रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने की फिराक में खड़ा है. वो इंजेक्शन ब्लैक में बेचने की तैयारी में था. मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी मिसरोद निरंजन शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे.सूचना सही निकली. एक युवक वहां खड़ा मिला. टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. उसकी पहचान यासिर खान निवासी रेत घाट के रूप में हुई है. उसके पास तीन इंजेक्शन मिले. वो पूछताछ में इंजेक्शन से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा पाया. यही कारण है कि उसके खिलाफ पुलिस ने एफ आई आर दर्ज कर ली है.

एक इंजेक्शन पर 20 हजार की कमाई

पुलिस पूछताछ में आरोपी यासिर खान ने बताया कि वह मूल रूप से इछावर सीहोर का रहने वाला है. ये तीन इंजेक्शन उसने मालीपुरा में रहने वाले धर्मेंद्र चक्रवर्ती से 10 हजार प्रति इंजेक्शन के हिसाब से 30 हजार रुपये में खरीदे थे. जबकि एक इंजेक्शन 850 रुपये का होता है. जरूरतमंद मरीजों के परिवार को वो 90 हजार में बेचने की फिराक में था. इस तरह आरोपी एक इंजेक्शन पर 20 हजार रुपये की कमाई करता. पुलिस अब धर्मेंद्र चक्रवर्ती की तलाश कर रही है.


अभी तक 7 आरोपी गिरफ्तार

कोरोना मरीज़ों के लिए जीवन रक्षक रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए अभी तक क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. हैरत की बात है कि सरकार की नाक के नीचे यह सब कुछ हो रहा है. भोपाल में क्राइम ब्रांच ने पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था. उसके बाद कोहेफिजा इलाके में पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा था. अब मिसरोद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया. इसके अलावा हमीदिया अस्पताल में 800 से ज्यादा इंजेक्शन की धांधली हो चुकी है.
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