एमपी में शिक्षकों के 65 हजार पद खाली, 18 हजार स्‍कूलों में केवल एक शिक्षक

वर्तमान में प्रदेश में एक लाख 25 हजार से ज्यादा सरकारी स्‍कूल संचालित हो रहे हैं. इन स्‍कूलों में शिक्षकों के 65 हजार से ज्यादा पद खाली हैं. 18 हजार स्कूलों ऐसे हैं, जहां केवल एक शिक्षक ही सारा जिम्मा संभाले हुए है.

Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 11, 2018, 11:55 PM IST
एमपी में शिक्षकों के 65 हजार पद खाली, 18 हजार स्‍कूलों में केवल एक शिक्षक
सांकेतिक तस्‍वीर.
Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 11, 2018, 11:55 PM IST
मध्‍यप्रदेश सरकार शासकीय स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने के भले ही तमाम प्रयास कर रही है, लेकिन ये प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं. प्रदेशभर के सरकारी स्कूल वर्षों से अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही चल रहे हैं. स्कूलों में शिक्षकों की कमी है. खाली पदों को भरने की जगह शिक्षा विभाग सिर्फ बातें ही कर रहा है, वहीं स्कूलों में शिक्षकों के कमी के चलते पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है.

वर्तमान में प्रदेश में एक लाख 25 हजार से ज्यादा सरकारी स्‍कूल संचालित हो रहे हैं. इन स्‍कूलों में शिक्षकों के 65 हजार से ज्यादा पद खाली हैं. 18 हजार स्कूल ऐसे हैं, जहां केवल एक शिक्षक ही सारा जिम्मा संभाले हुए है. प्रदेश में औसत रूप से 40 छात्रों को केवल एक शिक्षक ही शिक्षित कर रहा है. अतिथि शिक्षकों के भरोसे तमाम स्कूल संचालित हो रहे हैं.

प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के पदों को भरने की बात हर साल बात होती है, ये पद खाली ही हैं. बजट के अभाव में भी शिक्षा का हाल बदतर होता चला जा रहा है. वर्तमान में शिक्षा का बजट 20 हजार करोड़ रुपए है. प्रदेश में स्कूलों की संख्या के हिसाब से बजट को और बढ़ाने की जरूरत है, ताकि जर्जर हो चुके स्कूल भवनों को दुरु किया जा सके और खाली पड़े पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जा सके.

शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने के लिए संविदा शाला शिक्षकों की भर्ती की जाएगी. जल्द ही विज्ञापन निकालकर खाली पदों को भरा जाएगा.
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