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Indore : संघ की शाखाओं में अब मूक-बधिर साइन लैंग्वेज में कर सकेंगे प्रार्थना, मोहन भागवत ने की लॉन्च

 एक्सपर्ट ज्ञानेन्द्र और मोनिका पुरोहित ने प्रार्थना को साइन लैंग्वेज में तैयार किया है.

एक्सपर्ट ज्ञानेन्द्र और मोनिका पुरोहित ने प्रार्थना को साइन लैंग्वेज में तैयार किया है.

संघ (RSS) की प्रार्थना साइन लैंग्वेज (sign language) में ऐसे समय लॉन्च की गयी है जब दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय मूक बधिर सप्ताह मनाया जा रहा है. इससे भारत के 78 लाख मूक बधिरों को फायदा मिलेगा और वे संघ की शाखाओं से जुड़ सकेंगे.

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इंदौर. अब संघ की शाखाओं में मूक बधिर भी अपनी साइन लैंग्वेज में प्रार्थना (prayer in sign language for the deaf) कर सकेंगे. इंदौर दौरे पर आए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने साइन लैंग्वेज में संघ की प्रार्थना-सदा वत्सले, लॉन्च की.

मूक बधिरों के लिए आनंद सर्विस सोसायटी नाम की संस्था चलाने वाले साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट ज्ञानेंद्र पुरोहित और मोनिका पुरोहित ने संघ प्रमुख से आरएसएस कार्यालय में मुलाकात की. उन्होंने संघ की ये प्रार्थना साइन लैंग्वेज में तैयार की है. दोनों ने भागवत के सामने मूक बधिरों के लिए संघ की प्रार्थना का प्रजेंटेशन दिया.

भाई की परेशानी ने दिखाया रास्ता
ज्ञानेद्र पुरोहित ने अपने निजी अनुभव के बाद इसे ईजाद किया है. उन्होंने बताया कि जब वे अपने मूक बधिर भाई को लेकर संघ की शाखाओं में जाते थे तो वो वहां गाई जाने वाली प्रार्थना को वो समझ नहीं पाता था और पूछता था कि ये लोग क्या गा रहे हैं. तभी से मेरे दिमाग में आया कि संस्कृत की इस प्रार्थना को मूक बधिरों के लिए कैसे तैयार किया जाए. हिंदी और अंग्रेजी को तो मूक बधिर इशारों में समझ लेते हैं लेकिन संस्कृत को समझना मुश्किल था. लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी और संघ की प्रार्थना नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे को साइन लैंग्वेज में तैयार कर दिया. इसे संघ प्रमुख ने ऑफिसियली लॉन्च भी कर दिया.

78 लाख मूक बधिरों को फायदा
संघ की प्रार्थना साइन लैंग्वेज में ऐसे समय लॉन्च की गयी है जब दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय मूक बधिर सप्ताह मनाया जा रहा है. इससे भारत के 78 लाख मूक बधिरों को फायदा मिलेगा और वे संघ की शाखाओं से जुड़ सकेंगे. मोनिका पुरोहित ने बताया कि पूरी प्रार्थना संस्कृत में होने के कारण आज तक किसी ने इसे सांकेतिक भाषा में बदलने के बारे में सोचा ही नहीं था. ये बहुत कठिन था क्योंकि हम ये सोचते थे इसके जो मूल भाव हैं वो न बदल जाएं. इसमें देशभक्ति और देश के प्रति प्यार और सम्मान का भाव है. इसलिए हमने उसी भाव को ध्यान में रखा और उसी के अनुरूप संकेतों में बनाया.

दिव्यांग फ्रेंडली थाना
मूकबधिरों के लिए देश का पहला और एक मात्र दिव्यांग फ्रेंडली थाना इंदौर में ही चल रहा है. संघ प्रमुख ने कहा कि वे इस संबध में केंद्र सरकार से बात करेंगे कि देश के सभी राज्यों में या तो संभाग स्तर पर या राज्य की राजधानियों में इंदौर जैसी व्यवस्था हो जाए,जिससे देश के सभी मूक बधिर और मंदबुद्धि बालिकाओं के साथ हो रहीं घटनाएं यहां दर्ज हो सकें. इस विषय को वे समाज के बीच भी ले जाएंगे और लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे.

संघ प्रमुख के दौरे से हलचल
आरएसएस के सर संघचालक मोहन भागवत ने अपने दो दिन के प्रवास के आज आखिरी दिन संघ के स्वयं सेवक श्रीनाथ गुप्ता के घर दोपहर का भोज किया और उद्योग पतियों से मुलाकात की. लंच के बाद उन्होंने शहर के शिक्षाविदों के साथ संवाद किया. मोहन भागवत के इस दौरे से न केवल संघ बल्कि बीजेपी में भी हलचल हो गयी.

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