बल्लाकांड: 3 पुलिस थानों की मौजूदगी में ढहाया गया इंदौर का 'जर्जर' मकान

मकान ढहाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस के साथ नगर निगम की रिमूवल टीम भी यहां मौजूद है. इस दौरान पूरे क्षेत्र को ब्लॉक कर दिया गया है जिससे कि अनावश्यक रूप से यहां किसी की आवाजाही न हो सके.

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 5, 2019, 2:22 PM IST
Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 5, 2019, 2:22 PM IST
इंदौर के गंजी कंपाउंड के उस विवादित जर्जर मकान को आज यानी शुक्रवार को ढहा दिया गया है. मकान ढहाने के लिए पुलिस, प्रशासन और नगर निगम ने भारी बंदोबस्त किए हैं. हाईकोर्ट से इजाज़त मिलने के बाद मकान ढहाने का रास्ता साफ हुआ था.

इंदौर में पिछले हफ्ते मचे बवाल की वजह बने मकान को नगर निगम ने ज़मींदोज़ करने की कार्रवाई की है. लेकिन पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन ने व्यापक इंतज़ाम किए हैं ताकि फिर कोई बवाल ना कट जाए. शुक्रवार को यहां 3 थानों की पुलिस ड्यूटी पर लगायी गयी है. इसमें करीब 100 पुलिस वाले मुस्तैद हैं. ताकि कोई काम में बाधा ना डाल सके और अगर ऐसा करे तो उसे काबू में किया जा सके.

पुलिस के साथ नगर निगम की रिमूवल टीम भी यहां मौजूद है जिसमें करीब 150 अधिकारी-कर्मचारी हैं. कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को ब्लॉक कर दिया गया है जिससे कि अनावश्यक रूप से यहां किसी की आवाजाही न हो सके.


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26 जून को कटा था बवाल
गंजी कंपाउंड के इस मकान सहित इलाके के 26 मकान नगर निगम ने अति ख़तरनाक घोषित किए हैं. नगर निगम का दस्ता इस मकान को ढहाने पहुंचा था. ये इलाका बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय का निर्वाचन क्षेत्र है. इसलिए आकाश ने कार्रवाई का विरोध किया और नगर निगम के अफसर धीरेन्द्र बायस की बैट से पिटाई की थी.

आकाश को हुई थी जेल
सरकारी काम में बाधा और बवाल करने पर आकाश को तत्काल गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया गया था. बाद में भोपाल की विशेष अदालत से मिली ज़मानत पर वो रिहा हुए. इस मामले में पुलिस ने 21 लोगों को आरोपी बनाया है. इस बवाल में नगर-निगम के कुछ कर्मचारियों ने भी आकाश का साथ दिया था इसलिए नगर निगम कमिश्नर आशीष सिंह ने 21 कर्मचारियों को बर्ख़ास्त कर दिया था.

हाईकोर्ट का आदेश
हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने इस केस की सुनवाई करते हुए कहा था उस मकान में रह रहे किराएदारों को दूसरी जगह शेल्टर देने के बाद ही निगम कार्रवाई करे. बाद में परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के तहत स्थाई आवास दे. हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है. अगर कल को बारिश में मकान गिर गया तो निगम को ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा.

किरायेदार को मकान एलॉट
उस मकान में फिलहाल भेरूलाल श्रीवंश और उनका परिवार रह रहा था. हाईकोर्ट के आदेश के बाद  नगर निगम ने श्रीवंश को भूरी टेकरी इलाके में दूसरा मकान एलॉट कर दिया है. फिलहाल उन्हें तीन महीने के लिए ही मकान दिया गया है. ये मकान 390 वर्ग फिट का है.

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First published: July 5, 2019, 9:53 AM IST
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