भोपाल में दिनों दिन बढ़ रहा संक्रमण, मरीज अनजान कैसे पहुंचा उन तक कोरोना
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भोपाल में दिनों दिन बढ़ रहा संक्रमण, मरीज अनजान कैसे पहुंचा उन तक कोरोना
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. (सांकेतिक फोटो)

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के भोपाल (Bhopal) में कंटेंटमेंट जोन में रहने वाले 65 साल से अधिक आयु वाले हर व्यक्ति की जांच की जाएगी.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल में कोरोना (Congress) संक्रमण को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर कोरोना की जांच के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए. कोविड-19 पुनरीक्षित दिशा निर्देशों के मुताबिक कंटेंटमेंट जोन में रहने वाले हर व्यक्ति की रैपिड एंटीजन टेस्ट की जाएगी. इससे संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं की कोविड-19 जांच को लेकर भी नए दिशा निर्देश जारी हुए. सभी कलेक्टर और सीएमएचओ को भेजे गए निर्देशो में कहा गया है कि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले व्यक्ति की पांचवे और दसवे दिन जांच की जाए.

भोपाल में कंटेंटमेंट जोन में रहने वाले 65 साल से अधिक आयु वाले हर व्यक्ति की जांच की जाएगी. सभी जिलों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि अस्पतालों में कोरोना जांच के अभाव में किसी भी गर्भवती महिला का प्रसव ना रोका जाए. दरअसल अस्पतालों से लगातार ये शिकायतें मिल रही थी कि कोरेाना जांच और रिपोर्ट के इंतजार में कई महिलाओं को प्रसव के लिए इंतजार करना पड़ा. अब नए नियमों के मुताबिक अस्पताल को महिला का कोरेाना सैंपल लेकर जांच की व्यवस्था करनी होगी. स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला की रेपिड एेंटीजन से जांच अनिवार्य की गई है.

कॉंटेक्ट रेसिंग की जानकारी नहीं
नए दिशा निर्देशों के मुताबिक कोविड उपचार संस्था से डिस्चार्ज के पूर्व कोविड-19 की पुन: जांच नहीं की जाएगी. यही नहीं मरीज को कोविड-19 एरिया से नॉन कोविड एरिया में भेजने से पहले भी जांच जरूरी नहीं है. राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमण बेकाबू हो गया है. यहां पर गुरुवार को 206 कोरोना के नए मामले सामने आए. सितंबर की शुरुआत से ही भोपाल में हर रोज 200 से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं. भोपाल के बुधवार तक के आंकड़ों को देखें तो अब तक शहर में भोपाल में 12241 केस हो चुके हैं, जिसमें से 313 मरीजों की मौत हो चुकी है और 10154 मरीज स्वस्थ्य होकर अपने घर वापस लौट चुके हैं, लेकिन इन सब में गौर करने वाली यह बात है  की  संक्रमित मरीजों में से करीब आधे संक्रमित ऐसे हैं, जिन्हें नहीं पता कि उन्हें कोरोना कैसे हुआ. वह किस के संपर्क में आए जिससे उन तक संक्रमण पहुंचा.
कॉंट्रेक्ट हिस्ट्री की तलाश


स्वास्थ्य विभाग की सबसे बड़ी टेंशन इन मरीजों को ले करके यह है कि अब इनकी कॉन्ट्रैक्ट हिस्ट्री तलाशने में विभाग के पसीने छूट रहे हैं. क्योंकि संक्रमित सही जानकारी देने में असमर्थ है. यह खुलासा स्वास्थ्य मंत्रालय की भोपाल कोविड पेशेंट कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग रिपोर्ट से हुआ है. रिपोर्ट में सामने आए फैक्टस-रिपोर्ट के मुताबिक 13244 मरीजों के संपर्क में 59374 थे. इनमें 50923 सिम्टोमेटिक थे, 8884 मरीज हाई रिस्क श्रेणी के थे 6052 मरीजों की कॉन्टैक्ट हिस्ट्री नहीं मिल रही है. स्टेट मेडिकल बुलेटिन के अनुसार बुधवार तक कोरोना के केस एमपी में अब तक 79,192 कोरोना के केस जिसमें से 59,850 हुए स्वस्थ 1,640 की मौत हुई है.
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