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स्टाफ की कमी के कारण प्रभावित हो रही व्यापमं घोटाले की जांच

News18 Madhya Pradesh
Updated: January 26, 2020, 3:37 PM IST
स्टाफ की कमी के कारण प्रभावित हो रही व्यापमं घोटाले की जांच
एसटीएफ के पास स्टॉफ नहीं होने की वजह से व्यापमं घोटाले की जांच की गति धीमी हुई है.

व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) में 29 दिनों में 13 एफआईआर दर्ज होने के बाद नई एसटीएफ (STF) को स्टाफ की कमी के कारण आरोपियों के बयान के साथ तमाम केस में सबूत जुटाने में दिक्कत आ रही है.

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भोपाल. चर्चित व्यापमं (मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल) घोटाले (Vyapam scam) की दूसरी बार जांच कर रही एसटीएफ (STF) अब नई जांच के आगे बौनी साबित हो रही है. यह बात इसलिए कही जा रही है कि स्टॉफ नहीं होने की वजह से जांच की गति धीमी हुई है. 29 दिनों में 13 एफआईआर दर्ज होने के बाद अब नई एसटीएफ की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है. स्टाफ की कमी के कारण आरोपियों के बयान के साथ तमाम केस में सबूत जुटाने में दिक्कत आ रही है.

स्वीकृत पद के अनुसार भी नहीं हैं अधिकारी और कर्मचारी
यही वजह है कि एसटीएफ एडीजी अशोक अवस्थी (ADG Ashok Awasthi) ने राज्य शासन ने स्टॉफ की मांग की है. उन्होंने राज्य सरकार को पत्र भी लिखा है. हैरत की बात है कि एसटीएफ में स्वीकृत पद के अनुसार भी अधिकारी और कर्मचारी नहीं है. एसटीएफ के पास 9 DSP की जगह 1 DSP हैं, 34 TI की जगह 12 TI, 30 एसआई की जगह 15 एसआई और 5 एसपी की जगह 4 एसपी ही हैं, जबकि 2 साल में एसटीएफ की पुरानी टीम ने 37 मुकदमे दर्ज किए थे.

करीब 100 एफआईआर और दर्ज होंगी

दूसरी तरफ 29 दिनों में एसटीएफ की नई टीम 13 मुकदमे दर्ज कर चुकी है. एसटीएफ 197 शिकायतों की जांच कर रही है. माना जा रहा है कि इन शिकायतों में से करीब 100 एफआईआर दर्ज होंगी. ऐसे में एसटीएफ को तेजी से जांच करने के लिए और अधिकारियों और कर्मचारियों की जरूरत है. अशोक अवस्थी ने बताया कि अधिकारियों और कर्मचारियों के आने के बाद जांच में तेजी आएगी. शिकायतों की जांच तेज गति से होगी और एफआईआर के बाद आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.

पुरानी STF ने दर्ज की थीं 79 FIR
2013 में व्यापम घोटाले में FIR दर्ज होने के बाद शिवराज सिंह चौहान सरकार ने एसटीएफ को जांच सौंपी थी. तब एसटीएफ के तत्कालीन अफसरों ने 21 नवंबर 2014 को विज्ञप्ति जारी कर लोगों से नाम या गुमनाम सूचनाएं आमंत्रित की थीं. इसमें 1357 शिकायतें एसटीएफ को मिली थीं. इसमें से 307 शिकायतों की जांच कर 79 एफआईआर दर्ज की गई थीं. 1050 शिकायतों में से 530 जिला पुलिस के पास जांच के लिए भेजी गईं और 197 शिकायतें एसटीएफ अफसरों ने अपने पास रख लीं. बाकी 323 शिकायतों को नस्तीबद्ध कर दिया जिसमें गुमनाम होने को आधार बनाया गया था. इन्हीं 197 शिकायतों की जांच STF दोबारा कर रही है.रिपोर्ट - मनोज राठौर 

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First published: January 26, 2020, 3:36 PM IST
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