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​ई-टेंडर घोटाला: केंद्रीय एजेंसी बोली- EOW ने नहीं भेजा डाटा, इसलिए आगे नहीं बढ़ पा रही जांच

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 10, 2020, 10:13 AM IST
​ई-टेंडर घोटाला: केंद्रीय एजेंसी बोली- EOW ने नहीं भेजा डाटा, इसलिए आगे नहीं बढ़ पा रही जांच
केंद्रीय जांच एजेंसियों में टकराव की वजह से मध्यप्रदेश के ई टेंडर घोटाले की जांच अटकी. (फाइल फोटो)

E-Tender Scam: ई-टेंडर घोटाला की जांच को लेकर मध्‍य प्रदेश और केंद्रीय एजेंसियों आमने-सामने हैं. इससे जांच भी प्रभावित हुई है.

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भोपाल.मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बहुचर्चित ई-टेंडर घोटाले में अब केंद्र और राज्य सरकार की जांच एजेंसियों में टकराव हो रहा है. टेंडर से जुड़े डाटा को लेकर दोनों एजेंसियों के अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. केंद्रीय एजेंसी का कहना है कि EOW ने उसे पूरा डाटा नहीं दिया, लेकिन EOW का कहना है डाटा तो पूरा भेज दिया गया है. दोनों एजेंसियों के बीच इस टकराव की वजह से इस घोटाले की तकनीकी रिपोर्ट नहीं आ पा रही है. इसे खत्म करने के लिए 12 फरवरी को दोनों एजेंसियों के अफसर आमने-सामने बैठकर बात करेंगे.

शिवराज सरकार में हुए कथित ई-टेंडर घोटाले की जांच कमलनाथ सरकार में शुरू हुई थी. EOW ने सबसे पहले नौ टेंडर में गड़बड़ी के मामले में FIR दर्ज की थी. EOW के तत्कालीन डीजी केएन तिवारी ने बंगलुरू से आए विशेषज्ञ और जांच से जुड़े अफसरों की मदद से तमाम टेंडर से जुड़ा डाटा​ तकनीकी रिपोर्ट के लिए केंद्र सरकार की एजेंसी इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम यानि सर्ट-इन को भेजा था. सर्ट-इन ने कुछ ही महीनों में तीन टेंडर की रिपोर्ट भी EOW को भेजी थी. बाकी के छह टेंडर की रिपोर्ट अभी तक नहीं भेजी गई.

10 महीने में लिखे कई पत्र
तत्कालीन डीजी केएन तिवारी के समय भी कई बार सर्ट-इन ने पत्र लिखकर बाकी के छह टेंडर की तकनीकी रिपोर्ट EOW से मांगी, लेकिन वहां से कोई जबाव नहीं आया. इधर, EOW के अधिकारी भी दूसरे मामलों की जांच में उलझ गए. दो महीने पहले ही केएन तिवारी की जगह पर नए डीजी सुशोभन बेनर्जी आए. उन्होंने तकनीकी रिपोर्ट भेजने के लिए सर्ट-इन को पत्र लिखे, लेकिन हुआ कुछ भी नहीं. बार-बार पत्र भेजने से परेशान सुशोभन बेनर्जी खुद ही सर्ट-इन के दिल्ली स्थित ऑफिस पहुंच गए. उन्होंने टेंडर की तकनीकी रिपोर्ट का स्टेटस मांगा, तो सर्ट-इन के अफसरों से चौंकाने वाला जबाव मिला. अफसरों ने बनर्जी को बताया कि टेंडर से जुड़ा पूरा डाटा EOW से आया ही नहीं है, इसलिए तकनीकी रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि EOW के अफसरों ने जांच के लिए टेंडर का अधूरा डाटा भेजा है.

EOW ने कहा- हमने पूरा डाटा भेजा
दिल्ली से भोपाल लौटे EOW डीजी सुशोभन बेनर्जी ने जब EOW के अफसरों से डाटा के बारे में पूछा, तो वहां से भी चौंकाने वाला जवाब मिला. EOW के अफसरों ने दावा किया कि उन्होंने सर्ट-इन को टेंडर से जुड़े पूरे रिकॉर्ड, दस्तावेज और डाटा भेज दिया है. EOW के अफसरों का कहना है डाटा भेजने के लिए बंगलुरू से आए आईटी एक्सपर्ट की मदद ली गई थी.

12 फरवरी को होगा आमना-सामनाडीजी सुशोभन बनर्जी ने बताया कि जांच में तकनीकी रिपोर्ट की बहुत जरूरत है. रिपोर्ट के बाद दूसरे टेंडर की जांच भी कराना है. EOW और सर्ट-इन के अफसरों के अपने-अपने तर्क हैं. डाटा को भेजने और न भेजने को लेकर कौन सही बोल रहा है और कौन झूठ, इसका पता लगाने और जांच में तेजी लाने के लिए इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस की टीम और EOW के अफसरों का आमना सामना कराया जाएगा. दस महीनों से छह टेंडर की तकनीकी रिपोर्ट नहीं आई है. उन्होंने बताया कि EOW के अफसरों और बेंगलुरू से आए तकनीकी विशेषज्ञ ने पूरा डाटा सर्ट इन को भेजने का दावा किया है. सर्ट-इन ने नौ टेंडर में से सिर्फ तीन की तकनीकी रिपोर्ट भेजी है. बाकी के छह टेंडर की रिपोर्ट आज तक नहीं मिली है. बारह फरवरी को सर्ट इन के अधिकारी को भोपाल स्थित EOW के हैडक्वार्टर बुलाया गया है.

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First published: February 10, 2020, 9:49 AM IST
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