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वी के सिंह ही बने रहेंगे DGP! कमलनाथ सरकार जल्‍द कर सकती है ऐलान

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 19, 2019, 10:32 AM IST
वी के सिंह ही बने रहेंगे DGP! कमलनाथ सरकार जल्‍द कर सकती है ऐलान
डीजीपी के नाम पर खींचतान खत्म.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देश पर सरकार के पास डीजीपी (DGP) के नाम के लिए तीन नामों का पैनल आया है. सूत्रों की मानें तो कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Government) आईपीएस अफसर वीके सिंह (IPS Officer VK Singh) के नाम का जल्द ऐलान कर सकती है.

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भोपाल. कांग्रेस सरकार ने 1984 बैच के आईपीएस अफसर वीके सिंह (IPS Officer VK Singh) को डीजीपी बनाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देश पर सरकार के पास डीजीपी ( DGP) के नाम के लिए तीन नामों का पैनल आया है. अब इन तीन नामों से मध्‍य प्रदेश सरकार को डीजीपी के नाम का ऐलान करना है. सूत्रों की मानें तो वीके सिंह ही प्रदेश के डीजीपी बने रहेंगे और कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Government) उनके नाम का जल्द ही ऐलान करेगी.

इन तीन लोगों का आया था नाम
मध्य प्रदेश के डीजीपी पद के लिए संघ लोक सेवा आयोग की चयन समिति की बैठक में 1984 बैच के तीन आईपीएस अफसरों के नामों वर्तमान पुलिस महानिदेशक वीके सिंह, बीएसएफ के डीजी विवेक जौहरी और पुलिस रिफोर्म के स्पेशल डीजी मैथलीशरण गुप्ता का नाम तय हुआ है. इस पैनल में वीके सिंह और मैथलीशरण गुप्ता के साथ 1985 बैच के आईपीएस अफसर राजेंद्र कुमार का नाम चर्चा में रखा गया था, लेकिन विवेक जौहरी की सहमति मिलने के बाद उनका नाम हटाया गया.

वीके सिंह का नाम होगा फाइनल?

>>डीजीपी की नियुक्ति की तारीख से कम से कम दो साल का समय दिया जाता है. वीके सिंह मार्च 2021 में रिटायर्ड हो रहे हैं, तो पैनल में शामिल विवेक जौहरी सितंबर 2020 और मैथलीशरण गुप्त अक्टूबर 2020 में रिटायर्ड हो रहे हैं.
>>वीके जौहरी बीएसएफ डीजी हैं और केंद्र सरकार जौहरी को रिलीव करने से मना भी कर सकती है.
>>ऐसे में वीके सिंह कमलनाथ सरकार डीजीपी पद के लिए नियमित कर सकती है. उनको डीजीपी पद के लिए दस साल की फील्ड पोस्टिंग में सीआईडी और इंटेलीजेंस में रहने का फायदा भी मिलेगा.
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>>पैनल में 1984 बैच के संजय चौधरी को ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त में शिकायत विचारधीन होने की वजह से शामिल नहीं किया. इसी तरह 1985 बैच के अशोक दोहरे के नाम पर भी पेंच है. यही वजह थी कि इन नामों के बाद राजेंद्र कुमार का नाम पर विचार किया गया था.

राजेंद्र का नाम काटने के लिए जौहरी को किया शामिल
यूपीएससी की चयन समिति के पैनल पर सरकार को फैसला लेना है. सरकार एक नाम पर मोहर लगाएगी. विवेक जौहरी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह चौहान के ओएसडी रह चुके हैं,लेकिन सूत्रों ने बताया कि राजेंद्र कुमार की सरकार से करीबी होने की वजह से जौहरी के नाम को पैनल में रखा गया, ताकि वीके सिंह डीजीपी के पद पर आगे भी बने रहें.

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First published: November 18, 2019, 8:40 PM IST
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