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जन्माष्टमी : भगवान श्रीकृष्ण का ऐसा मंदिर जहां ज्ञान रूपी ग्रंथ की होती है पूजा

जन्माष्टमी : भगवान श्रीकृष्ण का ऐसा मंदिर जहां ज्ञान रूपी ग्रंथ की होती है पूजा

Janmashtmi Special : भोपाल के इस श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर में रात 12 बजे जन्मोत्सव मनाया जाता है.

Janmashtmi Special : भोपाल के इस श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर में रात 12 बजे जन्मोत्सव मनाया जाता है.

राजधानी भोपाल में श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर है. यहां भगवान श्री कृष्ण के ज्ञान रूपी स्वरूप की पूजा अर्चना की जाती है. मंदिर के महंत रूपराज शर्मा का कहना है इस मंदिर में मूर्ति नहीं बल्कि भगवान के ज्ञान की पूजा होती है. इस मंदिर में स्वसंवेद को स्थापित किया गया है. मूर्ति के स्थान पर श्री कृष्ण के जीवन और ज्ञान को समेटे हुए ग्रंथ को रखा गया है. श्री कृष्ण के संसार को दिए गए ज्ञान की पूजा की जाती है. ज्ञान रूपी श्री कृष्ण को पीले रंग की पोशाक पहनाई गई है. वहीं ग्रंथ के साथ श्री कृष्ण को मुकुट और मुरली भी पहनाई गई है. विशेष श्रृंगार के साथ श्रीकृष्ण को झूले में विराजित किया गया है.

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भोपाल. आज श्री कृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी धूमधाम से मनायी जा रही है. राजधानी भोपाल में एक ऐसा मंदिर है, जहां भगवान ज्ञान रूपी श्री कृष्ण की पूजा की जाती है. ज्ञान रूपी यानी मानसिक रूप से ही भगवान की पूजा को श्रेष्ठ माना गया है. यहां ग्रंथ का ही श्रीकृष्ण राधा के रूप में श्रृंगार होता है.

राजधानी भोपाल में श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर है. यहां भगवान श्री कृष्ण के ज्ञान रूपी स्वरूप की पूजा अर्चना की जाती है. मंदिर के महंत रूपराज शर्मा का कहना है इस मंदिर में मूर्ति नहीं बल्कि भगवान के ज्ञान की पूजा होती है. इस मंदिर में स्वसंवेद को स्थापित किया गया है. मूर्ति के स्थान पर श्री कृष्ण के जीवन और ज्ञान को समेटे हुए ग्रंथ को रखा गया है. श्री कृष्ण के संसार को दिए गए ज्ञान की पूजा की जाती है. ज्ञान रूपी श्री कृष्ण को पीले रंग की पोशाक पहनाई गई है. वहीं ग्रंथ के साथ श्री कृष्ण को मुकुट और मुरली भी पहनाई गई है. विशेष श्रृंगार के साथ श्रीकृष्ण को झूले में विराजित किया गया है.

मानसिक पूजा से मोक्ष
कृष्ण प्रणामी मंदिर के महंत रूप राज शर्मा का कहना है तीन प्रतीक रूप में भगवान की पूजा अर्चना की जाती है. पहला प्रतीक पूजा, दूसरा ग्रंथ पूजा और तीसरा मानसिक पूजा. लोग प्रतीक पूजा के रूप में भगवान की मूर्ति की पूजा कर रहे हैं. मानसिक पूजा ही आज के दौर में सबसे श्रेष्ठ है. मानसिक पूजा के माध्यम से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है. मानसिक पूजा में सारी पूजा उपासना भाव की ही होती है. भगवान का कोई आकार नहीं है. भगवान निराकार है.

एक क्विंटल मिश्री और 50 किलो माखन का भोग
इस मंदिर में भी भगवान कृष्ण जन्मोत्सव रात 12:00 बजे धूमधाम से मनाया जाएगा. रात 12:00 बजे बाल गोपाल का जन्म होगा. जन्म के साथ ही मंदिर में भजन कीर्तन का आयोजन होगा. मंदिर में बाल गोपाल के जन्म उत्सव पर एक क्विंटल मिश्री और 50 किलो माखन का भोग लगाया जाएगा. मंदिर में गरबे आयोजन के साथ ही बधाई गीत भी गाए जाएंगे.

Tags: Bhopal latest news, Sri Krishna Janmashtami

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