झाबुआ उपचुनाव का काउंट डाउन शुरु, दांव पर है इन दिग्गजों की साख
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झाबुआ उपचुनाव का काउंट डाउन शुरु, दांव पर है इन दिग्गजों की साख
झाबुआ उपचुनाव (Jhabua Byelection) की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. इन चुनावों में कांग्रेस और बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, जहां कांग्रेस के प्रचार अभियान के केंद्र में कमलनाथ (Kamalnath) थे वहीं बीजेपी में शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के साथ प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह (Rakesh Singh) और सुहास भगत ने भी अपनी पूरी ताकत लगा दी थी.

झाबुआ उपचुनाव (Jhabua Byelection) की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. इन चुनावों में कांग्रेस और बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, जहां कांग्रेस के प्रचार अभियान के केंद्र में कमलनाथ (Kamalnath) थे वहीं बीजेपी में शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के साथ प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह (Rakesh Singh) और सुहास भगत ने भी अपनी पूरी ताकत लगा दी थी.

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भोपाल. झाबुआ (Jhabua) किसका होगा, इसका फैसला होने में अब कुछ घंटों का समय बाकी है. 21 अक्टूबर को झाबुआ की जनता अपना फैसला ईवीएम (EVM) में कैद कर देगी. झाबुआ उपचुनाव (Jhabua Byelection) में हार और जीत बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) के लिए अहम हो गई है क्योंकि झाबुआ चुनाव सीट पर हो रहे चुनाव में बीजेपी कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की साख दांव पर है.

झाबुआ चुनाव का काउंटडाउन शुरु
झाबुआ चुनाव का काउंटडाउन शुरु हो गया है. सियासी दलों ने वोटरों को रिझाने के लिए चुनावी सभा से लेकर रोड शो और आदिवासी वेशभूषा अपनाकर अपनापन दिखाने में पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन विधानसभा चुनाव में संख्या गणित में बीजेपी को और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को बुरी तरह
के शिकस्त देने वाली बीजेपी दोनों के लिए ये चुनाव अहम है.



दांव पर है साख
इस चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की साख दांव पर है. सत्ता में आने के बाद कांग्रेस के लिए ये चुनाव सबसे खास है और यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी ने यहां पीसीसी चीफ और सीएम कमलनाथ की रणनीति पर चुनाव प्रचार किया. सरकार के करीब आधा दर्जन से ज्यादा मंत्रियों और एक दर्जन से ज्यादा विधायकों ने झाबुआ की फिजा को कांग्रेस मय बनाने में अपनी ताकत झोंकी. सीएम कमलनाथ ने भी यहां चुनाव प्रचार में 3 बार पहुंचकर झाबुआ की जनता से एक रिश्ता बनाने की कोशिश की. इस चुनाव में सिंधिया समेत दूसरे बड़े नेताओं की दूरी के बाद हार और जीत का पूरा दारोमदार कमलनाथ पर है.



News - मुख्यमंत्री कमलनाथ ने झाबुआ में 3 चुनावी सभाएं और एक बड़ा रोड शो किया
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने झाबुआ में 3 चुनावी सभाएं और एक बड़ा रोड शो किया


झाबुआ में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन
>> पीसीसी चीफ और मुख्यमंत्री कमलनाथ के 3 दौरों में 3 चुनावी सभा और एक बड़ा रोड शो हुआ
>> दिग्विजय सिंह ने एक चुनावी सभा की
>> सरकार के 12 मंत्रियों ने चुनावी सभाएं की
>> 6 मंत्री जोनवार जिम्मेदारी संभाल कर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे रहे
>> एक दर्जन से ज्यादा आदिवासी नेताओं ने चुनाव प्रचार किया

वहीं झाबुआ सीट पर कब्जा बरकरार रखने के लिए बीजेपी के दिग्गजों की साख भी दांव पर है. झाबुआ फतह करने के लिए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और शिवराज ने पूरा दम लगाया है. बीजेपी के दिग्गज नेताओं के हुए प्रचार पर नजर डालें तो..

झाबुआ मे बीजेपी ने दिखाई ताकत
>> शिवराज सिंह चौहान 6 बार झाबुआ गये
>> प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और सुहास भगत ने लगातार 10 दिनों तक झाबुआ में रहकर प्रचार की रणनीति तैयार की
>> केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और प्रहलाद पटेल ने भी प्रचार किया.
>> प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे और कृष्णमुरारी मोघे, रमेश मेंदोला ने भी प्रचार का जिम्मा संभाला.

News - झाबुआ में बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है
झाबुआ में बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है


बहरहाल झाबुआ सीट पर भले ही कांग्रेस के प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया और बीजेपी के भानू भूरिया के बीच हो, लेकिन जिस तरीके से इस सीट पर बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गजों ने पसीना बहाया है, उससे ये चुनाव हाईप्रोफाइल चुनाव में तब्दील हो गया है. अब 21 अक्टूबर को होने वाली वोटिंग में तय हो जाएगा कि झाबुआ के वोटर किसके दावों और वायदों पर भरोसा जताते हैं और किसकी जीत पर अपनी मुहर लगाते हैं.

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