MP News: बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति का ऐलान, सिंधिया और उनके समर्थकों का दिखा दबदबा, देखें पूरी लिस्‍ट

बीजेपी की सूची में 23 स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं.

MP BJP News: मध्‍य प्रदेश बीजेपी ने प्रदेश कार्यसमिति का ऐलान कर दिया है. इसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) समेत उनके समर्थकों को खासा महत्‍व मिला है. इसके अलावा पार्टी ने जातिगत समीकरणों का भी ध्यान रखा है.

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भोपाल. बीजेपी ने प्रदेश कार्यसमिति (BJP State Working Committee) की सूची का ऐलान कर दिया है. मंगलवार देर रात जारी हुई सूची में 23 स्थायी आमंत्रित सदस्य, 218, विशेष आमंत्रित सदस्य और 162 कार्यसमिति सदस्यों का ऐलान किया गया है. जबकि भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (BJP MP Jyotiraditya Scindia) स्थायी आमंत्रित सदस्यों में शामिल किये गए हैं. इसके साथ ही सिंधिया समर्थकों को भी कार्यसमिति में तवज्जो दी गई है.

विधानसभा उपचुनाव हारने वाले एदल सिंह कंसाना और इमरती देवी को कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है. रघुराज कंसाना और गिर्राज दंडोतिया विशेष आमंत्रित सदस्य बनाये गए हैं. हालांकि कार्यसमिति की सूची सिंधिया के दौरे से ठीक पहले जारी की गई. ऐसे में संगठन ने एक संदेश देने की कोशिश भी की है. हालांकि सिंधिया के प्रदेश भर के नेताओं को सूची में शामिल किया गया है, यहां तक कि सिंधिया समर्थक भोपाल के युवा नेता कृष्णा घाडगे भी कार्यसमिति सदस्यों की सूची में शामिल हैं. कार्यसमिति में इस बार कई नए चेहरों को जगह दी गयी है और जातिगत समीकरणों का भी ध्यान रखा गया है.

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बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति में सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत कई दिग्‍गज नेता शामिल हैं.


ये हैं कार्यसमिति की अहम बातें
कार्यसमिति की खास बात ये है कि उपचुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप झेल रहे जयंत मलैया को तो शामिल किया गया है. जबकि गौरी शंकर शेजवार सूची से बाहर हैं. दोनों नेता अलग अलग वक़्त पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के नेताओं को टिकट देने से नाराज थे और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप झेल रहे हैं.

जाति और वर्ग का उल्लेख
कार्यसमिति सूची में इस बार सदस्यों की जाति और वर्ग का उल्लेख किया गया है. संभवतः ऐसा पहली बार हुआ है. हालांकि इसमें एक गफलत भी हुई है. कैलाश विजयवर्गीय की जाति के आगे ब्राह्मण लिखा है, जबकि वो वैश्य हैं. पार्टी के जिम्मेदार लोगों का कहना है संभवत ये टाइपिंग मिस्टेक हो सकती है. हालांकि कुछ और नेताओं की जाति को लेकर भी सूची में गफलत दिखाई दे रही है.