मैं सरकारी बंगला पहले ही खाली कर चुका हूं: ज्योतिरादित्य सिंधिया

लुटियन दिल्ली में सरकारी बंगले पर विवाद के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि वह इस बंगले को पहले ही खाली कर चुके हैं.

भाषा
Updated: July 27, 2019, 5:11 AM IST
मैं सरकारी बंगला पहले ही खाली कर चुका हूं: ज्योतिरादित्य सिंधिया
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, 'मैं हमेशा नियम-कानून का पालन करने वाला जिम्मेदार नागरिक हूं.'
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Updated: July 27, 2019, 5:11 AM IST
लुटियन दिल्ली में सरकारी बंगले पर विवाद पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि वह इस बंगले को पहले ही खाली कर चुके हैं. उन्होंने ट्वीट किया, 'सरकार द्वारा जारी किए गए कागजात में कुछ बकाया नहीं होने संबंधी प्रमाण-पत्र ये साबित करते हैं कि मैंने बंगला खाली कर दिया है.'

खुद को बताया जिम्मेदार नागरिक
उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा नियम-कानून का पालन करने वाला जिम्मेदार नागरिक हूं मेरे बारे में इस तरह की भ्रामक ख़बरें प्रचारित करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है.' कांग्रेस नेता ने कहा, '23 मई को आए जनादेश को पूरी विनम्रता से स्वीकार करते हुए सरकारी बंगले को खाली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. मेरा कभी भी किसी जगह पर अनधिकृत रूप से रहने का इरादा नहीं रहा.' गौरतलब है कि खबरों में कहा गया था कि केंद्र सरकार ने सिंधिया के लुटियन दिल्ली में सरकारी बंगले पर उनका कब्जा बने रहने के अनुरोध को ठुकरा दिया है.

काफी समय से रहते थे ज्योतिरादित्य

गौरतलब है कि सिंधिया पिछले कई सालों से 27 सफदरजंग रोड बंगले में रह रहे थे. इस बार वह मध्यप्रदेश के गुना से चुनाव हार गए. वह गुना से 2002 से लेकर 2019 तक सांसद रहे. ज्योतिरादित्य से पहले यह बंगला उनके पिता माधवराव सिंधिया को आवंटित था.

क्या कहता है नियम
नियमों के अनुसार लोकसभा भंग होने के 1 महीने के भीतर हारे हुए सांसदों को अपना बंगला खाली करना होता है. 16वीं लोकसभा 25 मई को ही भंग हो गई थी. संसद सचिवालय ने चुनाव के नतीजे आने के कुछ दिन बाद ही खाली बंगले की सूची जारी कर दी थी.
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First published: July 27, 2019, 5:11 AM IST
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