राष्ट्रीय अध्यक्ष के सवाल पर बोले ज्योतिरादित्य सिंधिया- मैं कुर्सी की दौड़ में नहीं हूं

कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग पर पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मेरी सोच, मेरी विचारधारा पद की नहीं है. सिंधिया ने कहा कि, “मैं पार्टी का साधारण कार्यकर्ता हूं. मैं जनता के लिए, जनसेवा के लिए समर्पित हूं. मैं न पद की दौड़ में हूं, ना कुर्सी की दौड़ में हूं.

News18 Madhya Pradesh
Updated: July 11, 2019, 9:36 PM IST
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कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग पर पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मेरी सोच, मेरी विचारधारा पद की नहीं है. सिंधिया ने कहा कि, “मैं पार्टी का साधारण कार्यकर्ता हूं. मैं जनता के लिए, जनसेवा के लिए समर्पित हूं. मैं न पद की दौड़ में हूं, ना कुर्सी की दौड़ में हूं. मैं सिर्फ जनता की सेवा की दौड़ में शामिल हूं. यह कांग्रेस पार्टी के लिए गंभीर संकट का समय है. गंभीर संकट में सबको साथ रहना होगा, एकजुट रहना होगा.”

पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार भोपाल पहुंचे हैं. सिंधिया को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग लगातार उठ रही है. राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग पर सिंधिया का कहना है कि उनकी सोच, उनकी विचारधारा अलग है.



मेरी सोच पद वाली नहीं
पूर्व सांसद सिंधिया ने कहा कि, “मेरी सोच पद की नहीं है. मैं कांग्रेस पार्टी का साधारण कार्यकर्ता हूं. मैं तो जनता के लिए, जनसेवा के लिए समर्पित हूं. मैं ना पद की दौड़ में हूं, ना कुर्सी की दौड़ में हूं. मैं तो जनता की सेवा की दौड़ में हूं. ये जो समय है, वह कांग्रेस पार्टी के लिए गंभीर समय है. इस संकट की घड़ी में सभी को एकसाथ रहना होगा. एकजुट रहना होगा.”

अध्यक्ष पर जल्दी हो फैसला
बता दें कि गुरूवार सुबह सिंधिया ने कहा  कि राहुल गांधी के इस्तीफ़े के बाद पार्टी अध्यक्ष पद के लिए  जल्द फैसला होना चाहिए. 7 हफ्ते हो चुके हैं, वक्त तेज़ी से बीत रहा है.  सोनियाजी और राहुलजी एक ऊर्जवान नेता को चुनें. सबको मिलकर फैसला लेना होगा. उन्होंने कहा मैं कभी कुर्सी की दौड़ में शामिल नहीं रहा.

कांग्रेस के लिए गंभीर समय
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राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा- कांग्रेस के लिए ये बड़ा गंभीर समय है.हमने बहुत कोशिश की कि हम उन्हें मना पाए लेकिन वो कोई फैसला लेते हैं तो अडिग रहते हैं.इस बात का गर्व भी है हमें. लेकिन अब समय हो गया है. अब ऐसे शख्स को मौका दिया जाना चाहिए जो कांग्रेस में नई जान फूंक सके.

रिपोर्ट - रंजना दुबे
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