ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले- राहुल को इस्तीफ़ा दिए 7 हफ्ते बीत गए अब जल्द हो कांग्रेस अध्यक्ष का फैसला

लोकसभा चुनाव में ख़ुद की हार पर उन्होंने कहा-मैं कभी बैकफ़ुट पर बैटिंग नहीं करता, फ़्रंटफ़ुट पर खेलता हूं.जो परिणाम आए वो सरमाथे पर हैं

Sonia Rana | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 11, 2019, 4:34 PM IST
ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले- राहुल को इस्तीफ़ा दिए 7 हफ्ते बीत गए अब जल्द हो कांग्रेस अध्यक्ष का फैसला
ज्योतिरादित्य सिंधिया
Sonia Rana
Sonia Rana | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 11, 2019, 4:34 PM IST
कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि राहुल गांधी के इस्तीफ़े के बाद पार्टी अध्यक्ष पद के लिए  जल्द फैसला होना चाहिए. 7 हफ्ते हो चुके हैं, वक्त तेज़ी से बीत रहा है.  सोनियाजी और राहुलजी एक ऊर्जवान नेता को चुनें. सबको मिलकर फैसला लेना होगा. उन्होंने कहा मैं कभी कुर्सी की दौड़ में शामिल नहीं रहा.

पार्टी लेगी फैसला



अध्यक्ष पद के लिए उनके नाम की चर्चा पर सिंधिया बोले पार्टी का यह संयुक्त फैसला होगा.मैं दुबारा कहूंगा कि फैसला जल्द होना चाहिए, समय बीत रहा है.जल्द ही सबको फैसला लेना होगा.
भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्योतिरादित्य से  प्रदेश अध्यक्ष या राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर तैयारी को लेकर सवाल किया गया तो वो बोले-मैं इन 17 साल में  कभी भी कुर्सी की दौड़ में नहीं रहा. मुझे जो ज़िम्मेदारी मिली उसे निभाने की कोशिश की.मैं लोगों की सेवा के लिए लड़ूंगा,मैं सत्ता के लिए कभी नहीं लड़ूँगा.

फ्रंटफुट पर बैटिंग

लोकसभा चुनाव में ख़ुद की हार पर उन्होंने कहा-मैं कभी बैकफ़ुट पर बैटिंग नहीं करता, फ़्रंटफ़ुट पर खेलता हूं.जो परिणाम आए वो सरमाथे पर हैं. जो परिणाम आए उसके लिए हम ज़िम्मेदार हैं. वो आगे बोले
ज़रूर ज्योतिरादित्य सिंधिया की कमी रही जो वो हारे. हमें दोबारा मेहनत करके जनता का विश्वास जितना होगा.
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कांग्रेस के लिए गंभीर समय
राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा- कांग्रेस के लिए ये बड़ा गंभीर समय है.हमने बहुत कोशिश की कि हम उन्हें मना पाए लेकिन वो कोई फैसला लेते हैं तो अडिग रहते हैं.इस बात का गर्व भी है हमें. लेकिन अब समय हो गया है. अब ऐसे शख्स को मौका दिया जाना चाहिए जो कांग्रेस में नई जान फूंक सके.
भाजपा का एक ही लक्ष्य
भाजपा की एक ही सोच और एक ही लक्ष्य है. सरकार बनाओ मौज उड़ाओ. सिंधिया ने हार के बाद प्रदेश में एक्टिव रहने सवाल पर कहा-मेरी दौड़ सत्ता के लिए नहीं है. बल्कि मेरी दौड़ जनता की सेवा के लिए है. जनता के लिए आवाज़ उठाना मेरा काम है.
मंत्री-अफसरों को नसीहत
सिंधिया समर्थित मंत्रियों पर ब्यूरोक्रेसी हावी होने के सवाल पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, सरकार चलाने में ना कोई मंत्री ऊपर होता है ना अधिकारी. फ़र्स्ट अमंग्स ईक्वल नहीं होता.टीम भावना से काम चलना चाहिए. न ब्यूरोक्रेसी ऊपर न मंत्री ऊपर. न मुख्यमंत्री ऊपर.
पार्टी में वंशवाद
पार्टी में वंशवाद के सवाल पर सिंधिया बोले-पत्रकार, व्यापारी, वकील, डॉक्टर का बेटा वही पेशा अपनाए तो ठीक, लेकिन अगर किसी नेता के बेटे बेटी को तपने के बाद सदन में बैठने का मौका मिलता तो उसे वंशवाद क्यों कहा जाता है.वंशवाद वाले अगर जीतते हैं तो हारे भी हैं.उनमें से एक मैं भी आपके सामने बैठा हूं.

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