कोरना से हुई मौतों पर सियासी बवाल, कमलनाथ ने CM शिवराज से पूछे ये सवाल

कमलनाथ ने कहा है कि सरकार को बताना चाहिए कि कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत कितने लोगों की मौत हुई है.

कमलनाथ ने कहा है कि सरकार को बताना चाहिए कि कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत कितने लोगों की मौत हुई है.

कमलनाथ ने कहा है कि सरकार बताए कि बीते तीन महीनों में कुल कितने लोगों की कोरोना से मौत हुई. ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण से लोगों की मौत का आकलन की क्या व्यवस्था है. ग्रामीण क्षेत्र में इलाज और टेस्टिंग की क्या व्यवस्था है?

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भोपाल. प्रदेश में कोरोना के चलते हो रही मौतों के आंकड़ों को लेकर अब सियायत तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर कोरोना महामारी में हो रही मौतों के वास्तविक आंकड़ों को छुपाने का आरोप लगाया है. कमलनाथ ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत हो रही मौतों को लेकर सरकार से सवाल पूछा है. कमलनाथ ने कहा है कि सरकार को बताना चाहिए कि कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत कितने लोगों की मौत हुई है और उनका अंतिम संस्कार किया गया है. कमलनाथ ने श्मशान और कब्रिस्तान में कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत हो रहे अंतिम संस्कार के सही आंकड़े बताने की मांग की है.

कमलनाथ ने सीएम शिवराज से पूछे सवाल

सरकारी स्पष्ट करें कि किस आधार पर सामान्य, अन्य बीमारियों और को कोविड से हुई मौतों का अलग-अलग आकलन किया गया है. जिन लोगों की सामान्य मृत्यु बताई गई, उसका आधार क्या है? क्या इसको लेकर उनके परिवार से कोई जानकारी ली गई? प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों में कोविड और नॉन कोविड के अलग-अलग आंकड़े लिए गए हैं. बीते तीन महीनों में मृत्यु दर क्या रही और उसमें कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई? बीते तीन महीनों में कुल कितने लोगों की मृत्यु हुई और शहरी और ग्रामीण इलाकों में मृत्यु के आंकड़े क्या हैं? ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण से लोगों की मौत का आकलन की क्या व्यवस्था है. ग्रामीण क्षेत्र में इलाज और टेस्टिंग की क्या व्यवस्था है?

कोविड-19 में मृत व्यक्ति की सूचना किसी भी स्तर पर सरकार और प्रशासन को नहीं मिली, उनके आंकड़ों को शामिल करने की क्या कोई व्यवस्था की गई है. क्या बीते तीन महीने में सरकार ने प्रदेश में हुई मौतों को लेकर घर-घर गांव गांव या मोहल्ला स्तर पर कोई जानकारी जुटाई है. क्या
प्रदेश के नगर निगम नगर पालिका नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों ने पिछले तीन महीने में मृत लोगों के निकट संबंधी को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया है. क्या सरकार ने कोई ऐसा अभियान चलाया है जिन परिवारों में कोरोना संक्रमण से मृत्यु हुई है जिससे नगर निगम नगर पालिका पंचायत या परिषद में जानकारी दर्ज करा सकें. मुक्तिधाम से मृत्यु के एंट्री वाले रजिस्टर क्यों हटा लिए गए हैं. सरकार द्वारा जारी मृत्यु के आंकड़े और कोविड-19 प्रोटोकाल से अंतिम संस्कार के आंकड़ों में अंतर क्यों है? सरकार श्मशान और कब्रिस्तान में कोविड-19 प्रोटोकाल से अंतिम संस्कारों के आंकड़ों को कोविड-19 के आंकड़े क्यों नहीं मान रही?

कमलनाथ ने इस मामले में सरकार से जवाब सार्वजनिक करने की मांग की है. दरअसल सरकारी आंकड़ों में जो कोरोना से मौत होने की जानकारी दी जा रही है, उसको लेकर अब कांग्रेस सवाल खड़े कर रही है. कांग्रेस का कहना है कि कोरोना वायरस से मौत का सही आंकड़ा जनता के सामने आना चाहिए ताकि पता चल सके कि वाकई में कोविड-19 की चपेट में आने के कारण कितने लोगों की मौत हुई है.

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