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कांग्रेस पर मेहरबान कमलनाथ सरकार, पार्टी दफ़्तर के लिए सस्ते में देगी सरकारी ज़मीन

Anurag Shrivastav | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 19, 2019, 12:12 PM IST
कांग्रेस पर मेहरबान कमलनाथ सरकार, पार्टी दफ़्तर के लिए सस्ते में देगी सरकारी ज़मीन
कमलनाथ सरकार ज़िला कांग्रेस कमेटियों को सरकारी ज़मीन एलॉट करेगी

कमलनाथ सरकार (kamalnath government), ज़मीन आवंटन के शिवराज सरकार (shivraj government) के दौरान लागू नियम बदलने जा रही है.पूरे मध्य प्रदेश में ज़िला कांग्रेस कमेटी के दफ्तर खोलने के लिए सरकार उन्हें सरकारी ज़मीन देगी

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भोपाल.मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में अपनी पार्टी (congress) पर कमलनाथ सरकार (kamalnath government) मेहरबान है. पार्टी के दफ़्तर खोलने के लिए वो ज़िला कांग्रेस कमेटियों को सरकारी ज़मीन देने वाली है और वो भी सस्ते दाम पर. इसके लिए जल्द ही कैबिनेट मीटिंग(cabinet meeting) में प्रस्ताव लाने की तैयारी है.

कमलनाथ सरकार, ज़मीन आवंटन के शिवराज सरकार के दौरान लागू नियम बदलने जा रही है.पूरे मध्य प्रदेश में ज़िला कांग्रेस कमेटी के दफ्तर खोलने के लिए सरकार उन्हें सरकारी ज़मीन देगी.  कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाकर इसकी पक्की व्यवस्था की जाएगी.
कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव
सूबे की सत्ता में पंद्रह साल बाद आई कांग्रेस सरकार अब जिलों में सरकारी ज़मीन पर पार्टी के दफ्तर बनाने की कवायद में जुट गई है.इससे पहले पीसीसी ने सभी जिलों को निर्देश दिया था कि वो ज़मीन लेने के लिए सरकार को आवेदन भेजें. जिलों से मिले आवेदनों पर विचार के बाद सरकार ने ज़मीन एलॉटमेंट के नियम बदलने का काम शुरू कर दिया है. सरकार बीजेपी शासन के उस नियम को बदलेगी जिसमें राजनीतिक दलों को जमीन की कीमत की दस फीसदी राशि देने पर आवंटन हो सकता है.सरकार इसे और कम करने की तैयारी में है.

खुद के भवन नहीं
दरअसल बीजेपी के मुकाबले कांग्रेस के पास जिलों में खुद के भवन नहीं हैं.कांग्रेस पार्टी के पास अभी सिर्फ इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, सीहोर, उज्जैन, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और सागर में खुद के भवन हैं.बाकी ज्यादातर ज़िलों में किराए के भवन में दफ़्तर लग रहे हैं. इसलिए सरकार की कोशिश अपनी पार्टी को सरकारी ज़मीन देने की है.
मंत्री क्या कहते हैं
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जानकारी के मुताबिक आगामी कमलनाथ कैबिनेट की बैठक में इसका प्रस्ताव लाया जाएगा.राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के मुताबिक,बीजेपी शासन में भाजपा और उससे जुड़े संगठन एबीवीपी के लिए ज़मीन देने का फैसला हुआ था. इसिलए मुख्यमंत्री कमलनाथ यदि कांग्रेस जिलों कमेटी के दफ्तर के लिए ज़मीन दे रहे हैं तो ये फैसला ठीक है.
बीजेपी को पसंद नहीं आयी बात
बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा है कि यदि एक दल विशेष को सस्ती दर पर जमीन देने की बंदरबांट होती है तो इसका विरोध किया जाए. दरअसल अब राजस्व विभाग जो प्रस्ताव तैयार कर रहा है उसमें राजनैतिक दलों को पहले के मुकाबले कम दर पर ज़मीन दी जाएगी.दफ्तर के लिए मिलने वाली ज़मीन कोई पदाधिकारी बेच नहीं सकेगा. इसके लिए एआईसीसी और पीसीसी के पदाधिकारियों की एक समिति गठित की जाएगी. जमीन की जो रजिस्ट्री होगी, उसमें जिलाध्यक्ष और उस समय पद पर जो व्यक्ति होगा उसके नाम से नामांतरण की प्रक्रिया होगी.

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First published: November 19, 2019, 12:12 PM IST
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