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मध्य प्रदेश को नये DGP की तलाश, UPSC की सिफारिश ठुकराने के बाद नये सिरे से माथापच्ची

मध्य प्रदेश में नये डीजीपी की तलाश

मध्य प्रदेश में नये डीजीपी की तलाश

सूत्रों के अनुसार सरकार नये पैनल में 1985 बैच के आईपीएस अफसर राजेंद्र कुमार का नाम UPSC को भेजेगी.

भोपाल.मध्य प्रदेश के नये डीजीपी (DGP) के लिए कमलनाथ सरकार नये सिरे से माथापच्ची कर रही है. सरकार ने संघ लोकसेवा आयोग (UPSC) की सिफारिश को खारिज कर दिया है. अब वो डीजीपी (DGP) के लिए नये सिरे से नामों पर विचार कर अगला पैनल भेजेगी. इस पद की रेस में कई नामों की चर्चा है.

आयोग ने भेजी थी 3 नामों की सिफारिश
संघ लोकसेवा आयोग ने डीजीपी चयन के लिए तीन नामों की सिफारिश राज्य सरकार को भेजी थी. इसमें 1994 बैच के आईपीएस अफसर वी के सिंह, विवेक कुमार जौहरी और मैथिलीशरण गुप्ता का नाम शामिल था. राज्य सरकार की आपत्ति है कि जौहरी ने पुलिस महानिदेशक बनने के लिए लिखित सहमति नहीं दी है इसलिए सिफारिश खारिज कर दी.

नियम विरुद्ध सिफारिश
पुलिस महानिदेशक का चयन करने के लिए संघ लोकसेवा आयोग में 13 नवंबर 2019 को बैठक हुई थी. इसमें मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती और प्रमुख सचिव गृह एसएन मिश्रा शामिल हुए थे. इसमें शामिल प्रस्ताव में विवेक कुमार जौहरी का नाम नहीं था. क्योंकि वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे और उन्होंने इस पद पर आने की लिखित सहमति भी नहीं दी थी. इसलिए सरकार ने पैनल की सिफारिश खारिज कर दी.गृह विभाग के सचिव ने आयोग के सचिव को पत्र लिखकर भेजे गए तीन नामों के पैनल की सिफारिश को नियम विरुद्ध बताते हुए रद्द कर दिया था. सरकार अब नये नामों का पैनल फिर से आयोग को भेजेगी. सरकार ने संघ लोकसेवा आयोग से दोबारा चयन समिति की बैठक बुलाने के लिए भी कहा है.

ये है डीजीपी का पूरा मामला
कांग्रेस सरकार ने 1984 बैच के आईपीएस अफसर वीके सिंह को डीजीपी बनाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सरकार के पास डीजीपी के लिए तीन नामों का पैनल आया है.इन तीन नामों से मध्‍य प्रदेश सरकार को डीजीपी के नाम का ऐलान करना था.संघ लोक सेवा आयोग की चयन समिति की बैठक में 1984 बैच के तीन आईपीएस अफसरों पुलिस महानिदेशक वीके सिंह, बीएसएफ के डीजी विवेक जौहरी और पुलिस रिफोर्म के स्पेशल डीजी मैथलीशरण गुप्ता के नाम तय हुए थे.इस पैनल में वी के सिंह और मैथलीशरण गुप्ता के साथ 1985 बैच के आईपीएस अफसर राजेंद्र कुमार का नाम चर्चा में रखा गया था, लेकिन विवेक जौहरी की सहमति मिलने के बाद उनका नाम हटाया गया था.

पता चला है...
सूत्रों के अनुसार सरकार नये पैनल में 1985 बैच के आईपीएस अफसर राजेंद्र कुमार का नाम UPSC को भेजेगी.डीजीपी को नियुक्ति की तारीख से कम से कम दो साल का समय दिया जाता है. वी के सिंह मार्च 2021 में रिटायर हो रहे हैं. पैनल में शामिल विवेक जौहरी सितंबर 2020 और मैथलीशरण गुप्त अक्टूबर 2020 में रिटायर हो रहे हैं.वीके जौहरी बीएसएफ डीजी हैं और केंद्र सरकार जौहरी को रिलीव करने से मना भी कर सकती है. इसके अलावा वी के सिंह को कमलनाथ सरकार डीजीपी पद के लिए नियमित कर सकती थी. लेकिन अब सरकार पता नहीं किसे डीजीपी बनाना चाहती है. वैसे सिंह को डीजीपी पद के लिए दस साल की फील्ड पोस्टिंग में सीआईडी और इंटेलिजेंस में रहने का फायदा मिल सकता है.

संजय चौधरी रेस में पिछड़े
पैनल में 1984 बैच के संजय चौधरी को ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त में शिकायत विचारधीन होने की वजह से शामिल नहीं किया था. इसी तरह 1985 बैच के अशोक दोहरे के नाम पर भी पेंच था. यही वजह थी कि इन नामों के बाद राजेंद्र कुमार का नाम पर विचार किया गया था.

गेंद सरकार के पाले में
UPSC की चयन समिति के पैनल पर सरकार को फैसला लेना है. सरकार एक नाम पर मोहर लगाएगी. विवेक जौहरी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह चौहान के ओएसडी रह चुके हैं. लेकिन सूत्रों ने बताया कि राजेंद्र कुमार की सरकार से करीबी होने की वजह से जौहरी के नाम को पैनल में रखा गया, ताकि वी के सिंह डीजीपी के पद पर आगे भी बने रहें.

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Tags: Bhopal news, Kamal nath, Madhya pradesh Police

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