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कमलनाथ के मंत्री का दावा, साबित करेंगे सदन में बहुमत, 6-7 BJP विधायक भी देंगे समर्थन

 कमलनाथ के मंत्री का दावा-BJP के दो विधायक हमारे साथ, कुछ और अभी संपर्क में हैं(फाइल फोटो)

कमलनाथ के मंत्री का दावा-BJP के दो विधायक हमारे साथ, कुछ और अभी संपर्क में हैं(फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Government) के मंत्री पीसी शर्मा (PC Sharma) ने बताया कि, सभी विधायक हमारे साथ हैं. कांग्रेस के 6 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने के बाद भी 121 से ज्यादा विधायक विश्वास प्रस्ताव पर मतदान में हमें समर्थन देंगे.

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    भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के राज्यपाल लालजी टंडन के विश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने के निर्देश के कुछ ही घंटो बाद कांग्रेस ने दावा किया कि वह सदन में अपना बहुमत साबित करने में सफल रहेगी. मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Government) के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा (PC Sharma) ने रविवार को भोपाल में मीडिया को बताया कि, 'सभी विधायक हमारे साथ हैं. सिर्फ छह विधायक कम हुए हैं. सरकार के पास बहुमत का आंकड़ा है. कांग्रेस के छह विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने के बाद भी 121 से ज्यादा विधायक हमें विश्वास प्रस्ताव पर मतदान में समर्थन करेंगे. बीजेपी के छह-सात विधायक भी कमलनाथ को समर्थन देंगे.' उन्होंने कहा, 'हम पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि सदन में बहुमत साबित करेंगे.'

    बहुमत खो चुकी है कमलनाथ सरकार
    मध्य प्रदेश में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच राज्यपाल लालजी टंडन ने सोमवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ को राज्यपाल के अभिभाषण के तत्काल बाद बहुमत परीक्षण का सामना करने को कहा है. इसी बीच कांग्रेस के विधायक रविवार सुबह जयपुर से लौट कर भोपाल पहुंच गए. वहीं, बीजेपी ने कहा कि कमलनाथ सरकार बहुमत खो चुकी है और वह बहुमत साबित करने में सफल नहीं होगी.

    16 मार्च को होगा विश्वास मत प्रस्ताव पर मतदान
    पीसी शर्मा ने कहा कि राज्यपाल ने सदन में 16 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण के तत्काल बाद विश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन सदन में कब, क्या होगा यह विधानसभा अध्यक्ष तय करेंगे. उन्होंने कहा कि जो कुछ भी सदन में होगा, उसका निर्णय विधानसभा अध्यक्ष लेंगे. शर्मा ने आरोप लगाया, ‘हमारे विधायकों को बीजेपी ने बेंगलुरू में बंधक बनाया है और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा उन्हें वहां से भोपाल लाने के लिए विमान में बैठने से रोक रहे हैं.’

    प्रजातंत्र की सीधे-सीधे हत्या कर रही है बीजेपी
    उन्होंने कहा, ‘बीजेपी विधायकों की खरीद-फरोख्त करके एवं कांग्रेस के विधायकों को बंधक बना कर प्रजातंत्र की सीधे-सीधे हत्या कर रही है.’ शर्मा ने आरोप लगाया कि बीजेपी केवल विधायकों को डरा-धमका सकती है और खरीद-फरोख्त कर सकती है. जब उनसे सवाल किया गया कि क्या कांग्रेस को विश्वासमत में असफल होने का डर है, तो इस पर उन्होंने कहा, 'डर इनको (बीजेपी) है, इसलिए वे विधायकों को हरियाणा ले गए, बेंगलुरू ले गए और उन्हें बंधक बनाया.'

    राज्यपाल कह रहे हैं कि सरकार अल्पमत में है
    शर्मा ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं द्वारा बंधक बनाए गए ‘हमारे विधायकों पर तंत्र विद्या कर हिप्नोटाइज’’ किया जा रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी नेता बंधक बनाये गये’ हमारे विधायकों के परिवार वालों को भी डरा-धमका रहे हैं’. इसी बीच, मध्यप्रदेश विधानसभा में बीजेपी के मुख्य सचेतक नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के सारे आरोपों को खारिज करते हुए कहा, 'कांग्रेस बहुमत खो चुकी है. राज्यपाल कह रहे हैं कि सरकार अल्पमत में है. यह मैं नहीं कह रहा हूं, राज्यपाल ने जो पत्र मुख्यमंत्री कमलनाथ को भेजा है, उसमें कहा गया है.'

    नरोत्तम मिश्रा ने ली चुटकी, हिप्नोटाइज हो जाते हैं कांग्रेस के विधायक
    शर्मा द्वारा कांग्रेस विधायकों को हिप्नोटाइज (सम्मोहित करना) कराए जाने पर पूछे गए सवाल के जवाब में मिश्रा ने कहा, 'इनके विधायक हिप्नोटाइज हो जाते हैं. (बगलामुखी मंदिर में शनिवार को) पूजा करके (मंत्री पी सी शर्मा) आए हैं, ठीक हो जाएंगे.' मिश्रा ने कहा, 'कुहासे के बादल छंटने वाले हैं. शाम तक सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.' उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार नहीं चला रही है, केवल मुंह चला रही है.

    राज्यपाल के कहने के बाद कोई गुंजाइश नहीं है: नरोत्तम मिश्रा
    नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि बीजेपी एवं कांग्रेस दोनों पक्षों ने शक्ति परीक्षण की मांग राज्यपाल से की है और यदि बीजेपी ने कांग्रेस विधायकों को अपहरण कर बंधक बनाया है तो राज्यपाल ने शक्ति परीक्षण क्यों स्वीकार कर लिया? इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस झूठ बोल रही है. उन्होंने कहा, 'मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार को अपहरण करने वालों को गिरफ्तार करना चाहिए. क्यों गिरफ्तार नहीं कर रहे हैं?' जब उनसे सवाल किया गया कि क्या विधानसभा अध्यक्ष शक्ति परीक्षण का समय बढ़ा सकते हैं, तो इस पर मिश्रा ने कहा, 'राज्यपाल एवं विधानसभा अध्यक्ष दोनों ही संवैधानिक पद हैं. वे ही तय करेंगे, लेकिन राज्यपाल के कहने के बाद कोई गुंजाइश नहीं है.’

    जब उनसे पूछा गया कि बीजेपी विधायक कब तक हरियाणा के मानेसर से भोपाल पहुंच रहे हैं, तो इस पर उन्होंने कहा, 'शाम तक बता देंगे.' वहीं, कांग्रेस के विधायक रविवार को जयपुर से भोपाल लौट आए हैं. इसके लिए भोपाल हवाईअड्डे पर धारा 144 लगा दी गई थी और उनके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

    गिरने के कगार पर पहुंच चुकी है कमलनाथ सरकार
    मालूम हो कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और वह बुधवार को बीजेपी में शामिल हो गए थे. उनके साथ ही मध्य प्रदेश के छह मंत्रियों सहित 22 कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था, जिनमें से अधिकांश उनके कट्टर समर्थक हैं. इन 22 विधायकों में से 19 बेंगलुरू में एक रिसॉर्ट में है, जबकि तीन विधायकों का अब तक कोई पता-ठिकाना नहीं है. इससे प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने के कगार पर पहुंच गई है.

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