फर्ज़ी वोटर लिस्ट मामले में कांग्रेस को झटका, SC ने खारिज की कमलनाथ की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ की याचिका पर 8 अक्टूबर को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाया.

News18 Madhya Pradesh
Updated: October 12, 2018, 12:02 PM IST
फर्ज़ी वोटर लिस्ट मामले में कांग्रेस को झटका, SC ने खारिज की कमलनाथ की याचिका
कमलनाथ (फाइल फोटो)
News18 Madhya Pradesh
Updated: October 12, 2018, 12:02 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने फर्ज़ी मतदाता सूची मामले में पीसीसी चीफ कमलनाथ की याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा है वोटर लिस्ट की समीक्षा नहीं की जाएगी. कोर्ट ने मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर दाखिल सचिन पायलट की याचिका भी खारिज कर दी. कांग्रेस ने बोगस वोटर लिस्ट मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी.

सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ की याचिका पर 8 अक्टूबर को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाया. कमलनाथ की ओर से वकील कपिल सिब्बल कोर्ट में पेश हुए थे. उस दिन कमलनाथ भी कोर्ट में मौजूद थे. सुनवाई के बाद सिब्बल ने मीडिया को बताया था कि हमने चुनाव आयोग को मध्य प्रदेश की मतदाता लिस्ट में गड़बड़ी संबंधी जानकारी दी थी.

सुनवाई में चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि फोटो के साथ 13 मतदाताओं की सूची आयोग को नहीं दी गई. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि लिस्ट में फोटो गलत थी या फिर मतदाता ही फर्ज़ी थे. कमलनाथ के वकील कपिल सिब्बल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के इस सवाल पर चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया था.

 ये भी पढ़ें - VIDEO : कमलनाथ की चुनाव आयोग को चुनौती - जो आरोप लगाए हैं उसे साबित करे

चुनाव आयोग ने कोर्ट में बताया था कि पहली मतदाता सूची इस साल जनवरी में ड्राफ्ट हो गयी थी. फिर मई में उसमें संशोधन किया गया. आयोग ने आगे कहा कि मतदाता सूची ठीक कर दी गई है. कांग्रेस कोर्ट से अपने पक्ष में फैसला चाहती है.

कांग्रेस ने हैरानी जताई थी कि चुनाव आयोग यह कैसे कह सकता है कि हमारे खिलाफ कार्रवाई हो, जबकि खुद चुनाव आयोग ने ही यह लिस्ट दी है. सुप्रीम कोर्ट में उस दिन पीसीसी चीफ कमलनाथ की विधान सभा चुनाव में दस फीसदी बूथों पर वीवीपीएटी का औचक परीक्षण करने की अर्जी पर भी सुनवाई हुई थी. इसमें चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था, वीवीपीएटी सभी बूथों पर दी जाएगी. लेकिन कहां पर औचक निरीक्षण हो यह आयोग का अधिकार है. उस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित रख लिया है.

(दिल्ली से सुशील पांडेय की रिपोर्ट)
Loading...

ये भी पढ़ें - ये भी पढ़ें - एमपी : सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा, फर्ज़ी मतदाता सूची के संबंध में     उसने  क्या किया
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
-->
काउंटडाउन
काउंटडाउन 2018 विधानसभा चुनाव के नतीजे
2018 विधानसभा चुनाव के नतीजे