गाय और गौशाला पर नई सियासत, कमल नाथ ने पलटा शिवराज सरकार का फैसला

मुख्यमंत्री कमलनाथ (File Photo)
मुख्यमंत्री कमलनाथ (File Photo)

कमल नाथ सरकार ने शिवराज सरकार के उस फैसले को पलट दिया है जिसमें सरकार ने अपने चहेते अफसरों के खेलने के लिए चारागाह की जमीन पर गोल्फकोर्स बनाने का फैसला लिया था

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मध्य प्रदेश में गायों को लेकर छिड़ी सियासत के बीच कांग्रेस सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. कमल नाथ सरकार ने शिवराज सरकार के उस फैसले को पलट दिया है जिसमें सरकार ने अपने चहेते अफसरों के खेलने के लिए चारागाह की जमीन पर गोल्फकोर्स बनाने का फैसला लिया था.

दरअसल, आगर-मालवा में गायों की मौत के बद हरकत में आई कमल नाथ सरकार ने तत्काल बैठक कर अपने वचन पत्र पर काम शुरु कर दिया तो सरकार ने शिवराज कैबिनेट के एक फैसले को रद्द कर दिया है जिसमें तत्कालीन सरकार ने भोपाल के समीप बने बुलमदर फार्म की 650 एकड़ जमीन के एक बड़े हिस्से को अफने चहेते अफसरों की मांग पर गोल्फ कोर्स के लिए आरक्षित करने का फैसला किया था.

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कमल नाथ सरकार ने इसकी जानकारी लगते ही. इस शिवराज सरकार के फैसले को रद्द कर दिया है. प्रदेश के पशुपालन मंत्री के मुताबिक प्रदेश में कहीं भी गायों के चारागाह की जमीन के अन्य इस्तेमाल नही होने दिया जाएगा.
शिवराज सरकार के चारागाह की जमीन पर गोल्फकोर्स बनाने के फैसले पर नजर डालें तो..
भोपाल के समीप बुलमदर फार्म की 650 एकड़ जमीन को चुना गया
इसमें से सौ एकड़ जमीन पर गोल्फ कोर्स बनाने का फैसला हुआ था
नगरीय प्रशासन विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी थी
तब भी चारागाह की जमीन गोल्फ कोर्स के लिए देने पर विवाद हुआ था
जमीन की कीमत करोड़ों में है
इसी जमीन पर बुल मदर फार्म संचालित है
जिसमें एक हजार से ज्यादा गाय रखी गई है

वहीं कमल नाथ सरकार के फैसलों पर बीजेपी ने हमला बोला है. बीजेपी के मुताबिक नई सरकार का फोकस पुरानी सरकार के फैसलों को रद्द करने पर है, ना कि गायों को चारा मुहैया कराने और उनके देखभाल पर.

बहरहाल प्रदेश में गाय-चारागाह और गौशाला का मुद्दा गर्म है. कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में गौशाला को शामिल कर खुद को सबसे बड़े गौप्रेमी बताने की कोशिश की और इसे साबित करने के लिए सरकार अब फैसले लेने में लगी है, लेकिन सरकार की कोशिशों के बीच मरती गायों पर बीजेपी को कांग्रेस सरकार को घेरने का मुद्दा जरुर मिल गया है.

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