लाइव टीवी

MP: कमलनाथ सरकार अपना वचन करेगी पूरा, शासकीय कर्मचारियों को देगी ये सौगात

Puja Mathur | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 6, 2019, 3:24 PM IST
MP: कमलनाथ सरकार अपना वचन करेगी पूरा, शासकीय कर्मचारियों को देगी ये सौगात
कमलनाथ सरकार शासकीय कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देने पर कर रही विचार.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की कमलनाथ (CM Kamalnath) सरकार अगले साल अप्रैल से शासकीय कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना (medical insurance scheme) लागू करने पर विचार कर रही है. इसके तहत सरकारी और रिटायर्ड कर्मियों को निजी और सरकारी अस्पतालों में कैशलेस इलाज (Cashless Treatment) की सुविधा मिल सकेगी.

  • Share this:
भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की कमलनाथ (CM Kamalnath) सरकार अपने वचन पत्र में किए गए वादों को पूरा करने में जरा भी वक्त ज़ाया नहीं करना चाहती है. इसी कड़ी में अब शासकीय कर्मचारियों (Government employees) को सरकार ने स्वास्थ्य बीमा योजना (medical insurance scheme) की सौगात देने की योजना बनाई है. प्रदेश में कर्मचारियों के इलाज के लिए बड़ी सुविधा देते हुए सरकार अब उन्हें राज्य के चिह्नित निजी और सरकारी अस्पतालों में कैशलेस इलाज (Cashless Treatment) की फैसिलिटी देने की ओर कदम बढ़ा रही है. उम्मीद है कि साल 2020 में 1 अप्रैल से ये योजना शुरू हो सकती है.

कर्मचारी नेताओं से मांगे सुझाव
योजना के लिए राज्य सरकार ने कर्मचारी नेताओं से सुझाव मांगे हैं. मिली जानकारी के अनुसार कैशलेस उपचार योजना का लाभ एमपी के रिटायर्ड कर्मचारियों को भी मिलेगा. योजना के तहत कर्मचारियों को उनके वेतनमान के अनुसार 250 रुपए से लेकर एक हजार रुपए तक मासिक अंशदान देना होगा. इसी तरह से पेंशनर को भी अंशदान देना होगा. कर्मचारी नेताओं को इस बात की खुशी है कि प्रदेश सरकार की इस योजना से बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी और पेंशनर लाभान्वित होंगे. अभी उपचार के लिए राशि का इंतजाम नहीं होने से ऐसे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था.

योजना का मसौदा

एमपी सरकार की योजना के तहत शासकीय कर्मचारियों को चिह्नित निजी और सरकारी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी. प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा का कहना कि योजना के तहत साधारण बीमारी के लिए जहां उन्हें 5 लाख रुपए तक की मदद मिलेगी, वहीं गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 10 लाख रुपए तक देने की व्यवस्था है. योजना के तहत वर्तमान व रिटायर्ड कर्मचारियों को न सिर्फ भर्ती होने पर, बल्कि ओपीडी में भी कर्मचारियों को इलाज की सुविधा हासिल हो सकेगी.

बीजेपी का आरोप
प्रदेश सरकार की इस योजना पर बीजेपी ने पुराने वादों को अमल में लाने की मांग की है. पूर्व मंत्री विश्वास सारंग का कहना है कि सिर्फ योजना के बारे में बातें करने से कुछ नहीं होने वाला है. सरकार के अबतक के वादे हकीकत में फेल साबित हो रहे हैं. सरकार को चाहिए कि जो भी योजना बनाए उसको धरातल पर भी लाए. बहरहाल, स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में पिछड़े एमपी के शासकीय कर्मचारियों को सरकार की इस घोषणा से बहुत उम्मीदें हैं. कर्मचारियों में इस बात की खुशी है कि सरकार ने उनके बारे में देर से ही सही, कदम तो उठाया.ये भी पढ़ें -

तेलंगाना पुलिस से एमपी का भी है पुराना कनेक्शन, दो बार बचाई है 'इज्जत'

वांटेड जीतू सोनी पर आरोप : होटल पर कब्ज़ा कर बार बालाओं को अवैध रूप से रखा था !

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए भोपाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 6, 2019, 3:24 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर