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कारम डैम लीकेज : सरकार का बड़ा फैसला- दो कंपनियां ब्लैक लिस्टेड, अफसरों पर भी गिरेगी गाज

कारम डैम लीकेज : सरकार का बड़ा फैसला- दो कंपनियां ब्लैक लिस्टेड, अफसरों पर भी गिरेगी गाज

धार जिले में बने कारम डैम में 11 अगस्त से लीकेज शुरू हो गया था.

धार जिले में बने कारम डैम में 11 अगस्त से लीकेज शुरू हो गया था.

Karam Dam Leakage : दोपहर में ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ एक्शन के संकेत दे दिए थे. मुख्यमंत्री ने कहा था कारम डैम से पानी रिसने के मामले की जांच कमेटी गठित है. जो तथ्य निकलेंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी. सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद शाम होते ही राज्य सरकार ने दो कंपनियों को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया. इस बीच राज्य सरकार की तरफ से गठित जांच कमेटी मौके पर पहुंच गई है. 20 अगस्त तक कमेटी को अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देना है. मुमकिन है कि इसके बाद कुछ अफसरों पर भी इस मामले में गाज गिरेगी.

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भोपाल. धार के कारम बांध लीकेज मामले में शिवराज सरकार ने आज एक्शन लिया है. राज्य सरकार ने दो बड़ी कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है. राज्य सरकार ने मेसर्स ए एन एस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली और मेसर्स सारथी कंस्ट्रक्शन ग्वालियर को संयुक्त रूप से जिम्मेदार मानते हुए काली सूची में डाल दिया है. राज्य सरकार ने माना है कि सही तरीके से निर्माण नहीं करने के कारण डैम में 11 अगस्त से रिसाव शुरू हो गया था और इसके पीछे संबंधित कंपनी जिम्मेदार है.

राज्य सरकार ने ब्लैक लिस्टेड कंपनी का रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया है. राज्य सरकार के जारी आदेश के मुताबिक निलंबन की अवधि में कंपनियों पर प्रतिबंध लागू रहेंगे. निलंबन अवधि में नया रजिस्ट्रेशन नहीं होगा. फर्म का निलंबित कोई भी भागीदार कभी किसी दूसरे नाम से पंजीयन नहीं कर सकेगा. नई निविदा में भी भागीदार नहीं हो सकेंगे.

सीएम ने दिए थे संकेत
दोपहर में ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ एक्शन के संकेत दे दिए थे. मुख्यमंत्री ने कहा था कारम डैम से पानी रिसने के मामले की जांच कमेटी गठित है. जो तथ्य निकलेंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी. सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद शाम होते ही राज्य सरकार ने दो कंपनियों को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया.

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कांग्रेस ने भी उठाए थे सवाल
नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह और पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधो ने कारम बांध मामले में किसी पर कार्रवाई नहीं होने पर सवाल खड़े किए थे. कांग्रेस ने बांध का निर्माण करने वाली दिल्ली की कंपनी और सारथी कंस्ट्रक्शन को बांध निर्माण का जिम्मा देने पर सवाल खड़े किए थे. नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा था सरकार ने डेम मामले में अब तक किसी पर कार्रवाई नहीं की यह सवालों के घेरे में है. संबंधित कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई होना चाहिए. पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधो ने कहा था बांध के निर्माण का काम प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से दोषी कंपनियों को दिया गया जो पहले से ही ब्लैक लिस्टेड हैं. साधो ने बांध लीकेज मामले में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और मुआवजा देने की भी मांग की थी.

अफसरों पर भी गिरेगी गाज
इस बीच राज्य सरकार की तरफ से गठित जांच कमेटी मौके पर पहुंच गई है. 20 अगस्त तक कमेटी को अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देना है. मुमकिन है कि इसके बाद कुछ अफसरों पर भी इस मामले में गाज गिरेगी.

Tags: Dam crack, Madhya pradesh latest news

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