15 वर्षों तक स्कूल की हर क्लास में प्रजेंट रहीं अदिति, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
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15 वर्षों तक स्कूल की हर क्लास में प्रजेंट रहीं अदिति, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
अपने पिता के साथ अदिति भार्गव.

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड (India Book of Records) में नाम दर्ज कराने के बाद अदिति अब 20 सालों तक स्कूल-कॉलेज जाने का नया रिकॉर्ड अपने नाम करना चाहती हैं.

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भोपाल. स्कूल जाने की ललक और जुनून ऐसा कि भोपाल (Bhopal) में रहने वाली अदिति भार्गव ने बीते 15 सालों में एक भी दिन स्कूल की कोई क्लास मिस नहीं की है. तेज बारिश हो या कड़ाके की सर्दी या फिर तबियत खराब, अदिति तमाम मुश्किलों के बाद भी स्कूल (School) जाती रहीं. कभी स्कूल बस मिस हो भी गई तो अदिति के स्कूल जाने की ललक के चलते माता-पिता को अदिति को स्कूल पहुंचाना पड़ा. स्कूल जाने की इसी ललक के चलते अदिति का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है.

अदिति स्कूल जाने के लिए बचपन से ही बेहद उत्सुक थीं. यही वजह है कि वह हर दिन स्कूल पहुंची हैं. पिछले 15 सालों से अदिति के लिए एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब वह स्कूल न गईं हो. अदिति कार्मेल कान्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल (भेल) की छात्रा रही हैं. अदिति ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के लिए आवेदन किया था. आवेदन के बाद इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम ने स्कूल और हर जगह जाकर परीक्षण किया, जिसके बाद अदिति भार्गव का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में जुड़ गया है. अदिति रोजाना स्कूल जाने के रिकॉर्ड बनाने के साथ यूसी मैथ्स में राष्ट्रीय स्तर की विजेता हैं तो कराटे में ब्लैक बेल्ट.

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नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में अदिति
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के बाद अदिति अब 20 सालों तक स्कूल-कॉलेज जाने का नया रिकॉर्ड अपने नाम करना चाहती हैं. कोरोना संकट काल के दौरान आदिति रोजाना कॉलेज की ऑनलाइन क्लासेस अटेंड कर रही हैं. ताकि 20 सालों तक हर दिन स्कूल और कॉलेज जाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर सकें. 15 साल तक लगातार स्कूल मिस ना करने को लेकर अदिति ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के बाद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड, गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड के लिए भी आवेदन किया है. अदिति का कहना है कि माता पिता ने भी खूब सपोर्ट किया. हर रोज स्कूल जाना मेरी ललक थी. माता पिता के सपोर्ट के बिना यह संभव नही था.

पिता संजीव भार्गव बोले- हमारे लिए गर्व की बात
अदिति भार्गव के पिता संजीव भार्गव का कहना है कि अदिति हर रोज स्कूल जाती थी. स्कूल जाने का जुनून ऐसा था कि अदिति परिजनों के शादी समारोह या दूसरे कार्यक्रमों में भी नहीं जाती थी. संजीव भार्गव का कहना है कि पिता होने के नाते मेरे लिए खुशी और गर्व का मौका है. वहीं अदिति उन बच्चों के लिए प्रेरणा भी है जो स्कूल जाने से बचते हैं.
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