चाय का ठेला लगाने को मजबूर हैं 50 से ज्यादा मेडल जीत चुकीं कराटे चैंपियन
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चाय का ठेला लगाने को मजबूर हैं 50 से ज्यादा मेडल जीत चुकीं कराटे चैंपियन
वंदना सूर्यवंशी चाय का ठेला लगाने को मजबूर हैं

वंदना सूर्यवंशी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में 50 से भी ज्यादा मेडल अपने नाम किए हैं.

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कभी कराटे चैंपियन रह चुकीं वंदना सूर्यवंशी अब उपेक्षा में जिंदगी बिताने को मजबूर हैं. आलम यह है कि वंदना चाय का ठेला लगाकर अपने और परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटा रही हैं. वंदना राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में 50 से भी ज्यादा मेडल अपने नाम किए हैं.

वंदना के इस कारनामे के बाद उन्हें आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावास में छात्राओं को सेल्फ डिफेंस सिखाने की नौकरी मिली थी. वंदना ने छात्रावास की लड़कियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी, लेकिन नए सहायक आय़ुक्त के आते ही वंदना को ट्रेनर के पद से हटा दिया गया.

बिना कारण पद से हटाने के साथ ही वंदना को 6 महीने का वेतन भी नहीं दिया गया. वंदना ने लगातार तीन महीनों तक अधिकारियों के चक्कर लगाए पर अधिकारियों ने पूरे मामले पर चुप्पी साध ली है. वंदना ने 6 महीने के वेतन ना देने को लेकर एसडीएम से भी गुहार लगाई है, पर अब तक वंदना की कोई मदद नहीं सकी है.



वंदना सूर्यवंशी ने 50 से भी ज्यादा मेडल अपने नाम किए हैं

वंदना अब कलेक्ट्रेट में पति के साथ चाय और समोसे बेचकर परिवार का गुजर बसर कर रही हैं. सुबह और शाम के वक्त बड़ी मुश्किल से समय निकालकर कराटे की ट्रेनिंग ले पाती हैं. वंदना चाहती हैं कि भले ही उन्हें मेहनताना ना दिया जाए, लेकिन छात्राओं की सुरक्षा के लिए ही सही कम से कम छात्रावास में ट्रेनिंग की इजाजत ही दे दी जाए.

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