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ईद के लिए घर रवाना हुए कश्मीरी छात्र, दिग्विजय सिंह ने अमित शाह को लिखी थी चिट्ठी

एमपी में फंसे कश्मीरी छात्र अपने घर के लिए रवाना
एमपी में फंसे कश्मीरी छात्र अपने घर के लिए रवाना

कश्मीरी छात्रों (kashmiri students) को उनके घर पहुंचाने के लिए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (digvijay singh) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को तीन बार चिट्ठी लिखी थी. इस बात की मांग की थी भोपाल समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में फंसे कश्मीरी छात्रों को उनके घर पहुंचाया जाए.

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भोपाल. लॉक डाउन (Lockdown) के कारण प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में फंसे कश्मीरी (J & K) छात्र आज अपने घरों के लिए रवाना हो गए. भोपाल (bhopal) से बसों के ज़रिए इन्हें रवाना किया गया. कुल 365 छात्रों को लेकर 18 बसें रवाना हुईं. प्रशासन की ओर से इन्हें नाश्ते-और खाने के पैकेट देकर रवाना किया गया. मध्य प्रदेश में फंसे इन कश्मीरी छात्रों की घर वापसी के लिए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा था.

सभी कश्मीरी छात्रों को गांधी नगर के एक स्कूल में पहुंचने के लिए कहा गया था. जिन छात्रों ने जम्मू-कश्मीर वापसी के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया था उन सभी की वापसी बसों के जरिए कराई गयी. हालांकि इससे पहले खबर थी पूरे प्रदेश में फंसे करीब 600 से ज्यादा कश्मीरी छात्रों को ट्रेन के ज़रिए वापस भेजा जाएगा.लेकिन बाद में सरकार ने इन्हें बसों से भेजने का फैसला किया. ये वो छात्र हैं जो राजधानी के बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ते हैं. लेकिन लॉक डाउन होने के कारण यहीं फंसे रह गए थे.

दिग्विजय सिंह ने लिखी थीं चिट्ठी
कश्मीरी छात्रों को उनके घर पहुंचाने के लिए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को तीन बार चिट्ठी लिखी थी. इस बात की मांग की थी भोपाल समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में फंसे कश्मीरी छात्रों को उनके घर पहुंचाया जाए. खबर ये थी कि 9 मई को स्पेशल ट्रेन से छात्रों की रवानगी होगी. लेकिन अब प्रदेश सरकार ने छात्रों की मांग पर उन्हें बसों के जरिए घर तक पहुंचाना शुरू कर दिया है.सीएम शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने नगर निगम कमिश्नर पी विजय दत्ता के साथ व्यवस्था का जायजा लिया.
जहां ट्रेन नहीं, वहां बसें


प्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा जहां भी ट्रेन की व्यवस्था नहीं होगी वहां सरकार बसों के जरिए छात्र और मजदूरों को उनके घर भेजने की व्यवस्था करेगी. प्रदेश सरकार ने रेल मंत्रालय से अलग-अलग राज्यों से प्रदेश के लिए 57 ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भेजा है. सरकार की कोशिश है कि जल्दी से जल्दी ट्रेनों के जरिए छात्र और मजदूरों की वापसी हो सके. जहां पर ट्रेन उपलब्ध नहीं होगी वहां बसों के जरिए छात्रों और मजदूरों को पहुंचाया जाएगा.

ईद से पहले कश्मीरी छात्रों की वापसी
रमजान के महीने में कश्मीरी छात्र एक महीने के लिए घर जाते हैं.लॉक डाउन के कारण इस बार ऐसा नहीं हो पा रहा था. शिवराज सरकार ने कोटा में फंसे छात्रों और कश्मीरी छात्रों को घर भेजने की व्यवस्था तो कर दी, लेकिन अभी प्रदेश के छात्र अन्य ज़िलों में फंसे हुए हैं. इनमें रीवा,सतना,सीधी शहडोल के छात्र छात्राएं शामिल हैं,जो घर वापस जाना चाहते हैं.कुछ छात्र खुद ही पैदल सफर तय कर मजदूरों के लिए बनाए गए कैंप तक पहुंच रहे हैं.इस उम्मीद में कि कहीं उनकी भी मजदूरों की बसों से घर वापसी हो जाए.

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