केन-बेतवा लिंक परियोजना विवाद : UP को 700 MCM से ज़्यादा पानी नहीं देगा MP

मध्य प्रदेश में पिछले साल की तुलना में इस बार 2 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में ,सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है.
मध्य प्रदेश में पिछले साल की तुलना में इस बार 2 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में ,सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है.

इस विवाद (Dispute) को हल करने के लिए लगातार यूपी और एमपी सरकार से समन्वय बना रहे केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भी मुख्यमंत्री शिवराज (Shivraj) ने फोन पर चर्चा की.

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भोपाल. केन बेतवा लिंक परियोजना के तहत यूपी (UP) और एमपी (MP) के बीच पानी के बंटवारे को लेकर विवाद जारी है. इस मामले में अब शिवराज सरकार (Shivraj government) ने बड़ा फैसला लिया है. प्रदेश सरकार ने तय किया है कि केन बेतवा लिंक परियोजना में यूपी को 700 एमसीएम से ज्यादा पानी नहीं दिया जाएगा. इस विवाद को हल करने के लिए लगातार यूपी और एमपी सरकार से समन्वय बना रहे केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भी मुख्यमंत्री शिवराज ने फोन पर चर्चा की.

मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश को 700 एमसीएम से ज्यादा पानी नहीं दे सकेगी. परियोजना जल्द शुरू करने पर आपसी सहमति बनाने पर भी चर्चा हुई है. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने परियोजना पूरा करने के लिए दोनों राज्यों के साथ जल्द बैठक करने की बात कही है.

ज्यादा सिंचाई का लक्ष्य
बीते साल की तुलना में इस साल प्रदेश में दो लाख हेक्टेयर से ज्यादा सिंचाई करने का लक्ष्य सरकार ने तय किया है. सीएम शिवराज ने एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पाइप लाइन के जरिए किसानों को सिंचाई के लिए पानी मुहैया कराने के लक्ष्य पर काम करने के निर्देश अफसरों को दिए हैं. बीते साल 29 लाख हेक्टेयर में सिंचाई हुई थी. इस साल 31 लाख हेक्टेयर में सिंचाई करने का लक्ष्य तय किया गया है.
पानी बंटवारे पर विवाद


केन बेतवा लिंक परियोजना में पानी के बंटवारे को लेकर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच विवाद चला आ रहा है. इस विवाद को निपटाने के लिए केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में अक्टूबर में बैठक होना थी. लेकिन प्रदेश में उपचुनाव के कारण यह बैठक स्थगित कर दी गई है. अब यह बैठक दिवाली के बाद होगी.

ये है प्रस्ताव
मध्यप्रदेश में पानी बंटवारे को लेकर जो प्रस्ताव तैयार किया गया है उसके तहत उत्तर प्रदेश को रबी सीजन में 700 एमसीएम और खरीफ सीजन में 1000 एमसीएम पानी देने का प्रस्ताव है. पानी बंटवारे के विवाद को लेकर ही केन बेतवा लिंक परियोजना बीते 15 साल से अधर में अटकी हुई है. साल 2005 में दोनों राज्यों के बीच पानी का बंटवारा हो गया था. लेकिन बाद में उत्तर प्रदेश ने पानी की मांग बढ़ाकर विवाद बढ़ा दिया था. इसी वजह से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पीने और सिंचाई के पानी की समस्या भी हल नहीं हो पा रही है. इस विवाद को सुलझाने के लिए केंद्रीय जल संसाधन मंत्री शेखावत दोनों राज्यों के मंत्रियों और अफसरों से लगातार संपर्क कर विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं.

उम्मीद कायम
प्रदेश सरकार ने जो प्लान तैयार किया है उत्तर प्रदेश सरकार उस प्लान के पलट ज्यादा पानी की मांग कर रहा है. ऐसे में इस विवाद को सुलझाने की तमाम कोशिशें की जा रही हैं और अब मुमकिन है की दिवाली के बाद मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश के मंत्रियों और केंद्र सरकार की बैठक में कोई फैसला हो जाए.
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