MP: प्रदेश के इस 'मेगा किचन' में बनेगा भोपाल के 50 हजार बच्चों का खाना
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MP: प्रदेश के इस 'मेगा किचन' में बनेगा भोपाल के 50 हजार बच्चों का खाना
सीएम कमलनाथ ने मिड डे मिल के खाने की तारीफ की

प्रदेश में सबसे बड़े मेगा किचन (Mega Kitchen) की शुरुआत होने जा रही है. इसमें हर दिन 900 से ज्यादा स्कूलों के 50 हजार बच्चों का भोजन तैयार किया जाएगा.

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भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) ने भोपाल के बावड़िया कलां में मेगा किचन का भूमि पूजन किया. इस मेगा किचन में भोपाल के करीब 50 हजार बच्चों के लिए मिडडे मील तैयार किया जाएगा. छिंदवाड़ा के बाद राजधानी भोपाल (Bhopal) में सबसे बड़ा किचन तैयार किया गया है. सीएम कमलनाथ ने कहा कि मेगा किचन जो कि छिंदवाड़ा के बाद भोपाल में शुरू होने जा रहा है. उन्होंने कहा कि ये बच्चों में प्रसाद बांटने की भावना है, इसी भावना से ही ये अक्षय पात्र फाउंडेशन की पहल सफल हो पाई है.

'बच्चों की शिक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता'
सीएम कमलनाथ ने कहा कि भोपाल में मेगा किचन की बड़ी जरूरत थी इसीलिए भोपाल में भी मेगा किचन तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि, 'मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता बच्चों की शिक्षा है. यही वजह है कि मैने अपने ऑफिस में इससे जुड़ा एक पोस्टर लगाया है ताकि इससे दूसरे लोग भी जागरूक हों.' सीएम कमलनाथ ने भूमि पूजन के बाद बच्चों को अपने हाथों से खाना परोसा. सीएम कमलनाथ ने खाने की तारीफ करते हुए कहा कि ये खाना मैंने भी खाया है, बहुत ही अच्छा है.

ये होगा मेगा किचन का भोजन
राज्य के सभी शहरों की मेगा रसोई में बच्चों के मिडडे मील के लिए एक सा मीन्यू रखा गया है. भोपाल और छिंदवाड़ा में बच्चों को दाल, रोटी, सब्जी, चावल, दलिया, खिचड़ी, फल और गेहूं का केक परोसा जाएगा तो वहीं कुछ दिनों बाद पूरी और सब्जी भी भोजन में जोड़ दी जाएगी. मेगा रसोई में बना खाने में हाईजीन का भी ध्यान रखा जाता है. साथ ही ये किचन पूरी तरह से स्वचालित भी है.



ऐसे बनेगा इतना सारा खाना
यहां रोटी बनाने वाली मशीन से एक घंटे में एक साथ 40 हजार रोटियां तैयार हो जाती है तो क्यूलड्रान में एक बार में 125 किलो चावल तैयार हो जाएंगे. मौसमी सब्जियों को साइड-डिश बर्तन में तैयार किया जाता है, जिससे एक बार में 1200 किलो सब्जी बन सकती है. 1200 किलो सब्जी में कम से कम 6 हजार बच्चों के लिए खाना तैयार होगा. भोजन को गरम रखने के लिए वाहनों और बर्तनों को इस तरह अनुकूलित किया गया है कि एक बार खाना स्कूल तक पहुंचने तक और पहुंचने के 12 घंटे तक फ्रेश और गर्म रहता है. भोपाल के आसपास के 900 से ज्यादा स्कूलों में 50 हजार बच्चों को भोजन परोसने के लिए किचन तैयार किया जा रहा है. ये किचन 2-3 महीने के अंदर बनकर तैयार हो जाएगा.

 

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