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शिवराज कैबिनेट में शामिल हुए 'संजीवनी क्लीनिक' के तुलसीराम सिलावट, सिंधिया के साथ ही तोड़ा था कांग्रेस से नाता

शिवराज कैबिनेट में शामिल हुए 'संजीवनी क्लीनिक' के तुलसीराम सिलावट, सिंधिया के साथ ही तोड़ा था कांग्रेस से नाता

कोरोना संकट के कारण फिलहाल मंत्रिमंडल छोटा है. (फोटो साभार: Facebook)

कोरोना संकट के कारण फिलहाल मंत्रिमंडल छोटा है. (फोटो साभार: Facebook)

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में सीएम शिवराज सिंह चौहान के कैबिनेट (Shivraj Singh Chauhan Cabinet) का विस्तार हुआ है. शपथ लेने वाले मंत्रियों में सिंधिया समर्थक तुलसीराम सिलावट (Tulsi Ram Silawat) भी शामिल हैं.

भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में सीएम शिवराज सिंह चौहान के कैबिनेट (Shivraj Singh Chauhan Cabinet) का विस्तार हुआ है. राज्यपाल लालजी टंडन (Lalji Tandon) ने मंत्रियों को मंगलवार को शपथ दिलाई. कोरोना संकट (Corona Crisis) के कारण फिलहाल मंत्रिमंडल छोटा है. लेकिन माना जा रहा है कि लॉकडाउन हटने के बाद अगले महीने मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. शपथ लेने वाले मंत्रियों में सिंधिया समर्थक तुलसीराम सिलावट (Tulsi Ram Silawat) भी शामिल हैं. 2018 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी. इस दौरान उन्हें कमलनाथ कैबिनेट में शामिल किया गया था. लेकिन सिंधिया प्रकरण के बाद उन्होंने कांग्रेस से नाता तोड़ लिया. वे बीजेपी में शामिल हुए और शिवराज सिंह के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहले कैबिनेट विस्तार में उनको भी जगह मिली है.

तुलसी सिलावट कांग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बनाए गये थे. इस दौरान स्वाइन फ्लू, मलेरिया और डेंगू की बढ़ती परेशानी के दौरान उन्होंने अच्छे तरीके से मॉनिटरिंग की थी. प्रदेश में 'राउट टू हेल्थ' का ढाचा भी उनके मंत्री पद पर रहते ही तैयार किया गया था. दिल्ली की तर्ज पर मध्य प्रदेश में संजीवनी क्लीनिक की शुरूआत इनके कार्यकाल के दौरान हुई.


छात्रसंघ की राजनीति में रहे हैं सक्रिय
मंगलवार को शपथ लिए मंत्रियों में से सिंधिया समर्थक तुलसी राम सिलावट भी एक हैं. तुलसी राम सिलावट का जन्म 05 नवम्बर 1954 को ग्राम पिवडाय, जिला इंदौर में हुआ. सिलावट का व्यवसाय कृषि रहा है. सिलावट के पिता का नाम ठाकुरदीन सिलावट है, उनका निधन हो चुका है. तुलसी राम सिलावट ने राजनीति शास्त्र से एम.ए. किया है. सिलावट की समाज सेवा में भी विशेष रूचि है. वे वर्ष 1977-78 एवं 1978-79 में शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय इंदौर के छात्र संघ अध्यक्ष रहे हैं. इसके अलावा सिलावट 1978-79 और 1980-81 में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के छात्रसंघ अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

साल 1982 में इंदौर नगर निगम में चुने गये थे पार्षद
सिलावट 1982 में नगर निगम इंदौर के पार्षद बने. उसके बाद साल 1985 में आठवीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए और संसदीय सचिव रहे. वे वर्ष 1995 में नेहरू युवा केन्द्र के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने. सिलावट साल 1998 से 2003 में मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. तुलसी सिलावट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य के साथ प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी रहे हैं. उन्होंने दिसंबर 2007 का विधानसभा उपचुनाव जीता था. इसके बाद साल 2008 में तीसरी बार विधानसभा सदस्य के तौर पर चुनाव जीतने में कामयाब हुए. साल 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हे सिलावट सांवेर (SC) विधानसभा सीट से चौथी बार चुनाव जीतने में कामयाबी मिली. इसी साल कमलनाथ सरकार के कैबिनेट में उनको शामिल किया गया. 22 मार्च को सिलावट ने कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी की सदस्यता ली.

कांग्रेस सरकार में रह चुके हैं स्वास्थ्य मंत्री
बता दें, तुलसी सिलावट कांग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बनाए गये थे. इस दौरान स्वाइन फ्लू, मलेरिया और डेंगू की बढ़ती परेशानी के दौरान उन्होंने अच्छे तरीके से मॉनिटरिंग की थी. प्रदेश में 'राउट टू हेल्थ' का ढाचा भी उनके मंत्री पद पर रहते ही तैयार किया गया था. दिल्ली की तर्ज पर मध्य प्रदेश में संजीवनी क्लीनिक की शुरूआत इनके कार्यकाल के दौरान हुई. लेकिन पूर्व सीएम कमलनाथ पर इनका आरोप था की वो मंत्रियों की नहीं सुनते जिससे काम करने में कई अड़चनें आती हैं. इसी कारण का हवाला देते हुए सिलावट ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी की सदस्यता ले ली. सिंधिया के बीजेपी की सदस्यता लेते ही सिंधिया गुट के इस मंत्री ने भी अपना पाला बदल लिया.



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Tags: Bhopal news, BJP, CM Shivraj Singh Chouhan, Congress, Jyotiraditya Madhavrao Scindia, Madhya pradesh news, Politics, Shivraj government

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