MP News: 'शिवराज है, तो विश्‍वास है', जानें कैसे सीएम ने MP को कोरोना आपदा से निकाला बाहर

कोरोना को लेकर सीएम ने हर रोज न सिर्फ घंटों काम किया बल्कि सभी जिलों की फीडबैक भी लेना आदत में रहा.

कोरोना को लेकर सीएम ने हर रोज न सिर्फ घंटों काम किया बल्कि सभी जिलों की फीडबैक भी लेना आदत में रहा.

MP Unlock: सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने अपनी प्रशासनिक कुशलता के दम पर कोरोना वायरस की दूसरी लहर में मध्‍य प्रदेश को बहुत नुकसान नहीं होने दिया. यही नहीं, उनकी दमदार रणनीति की वजह से ही ' शिवराज है, तो विश्‍वास है' जैसा नारा चर्चा में है. इसके अलावा वह अपनी जिद पर ही मध्‍य प्रदेश को कोरोना कर्फ्यू से अनलॉक की तरफ लेकर आए हैं.

  • Share this:

भोपाल. मध्‍य प्रदेश में अपनी प्रशासनिक कुशलताओं से कोरोना वायरस (Coronavirus) पर नियंत्रण पाने वाले सूबे के मुखिया शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) का कोविड-19 के प्रोटोकॉल के पालन का क्या है तरीका? कैसे उन्‍होंने ने सावधानी बरतते हुए प्रदेश को आपदा से बाहर निकाला? आखिर सुबह की शुरुआत से लेकर देर रात तक काम करने का उनका तरीका कैसा होता है? सीएम शिवराज सिंह चौहान का रूटीन क्‍या? आखिर मध्‍य प्रदेश में ' शिवराज है, तो विश्‍वास है' का नारा चर्चा में है. इस सभी के बारे में हम आपको आज बताएंगे.

दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक ऐसे जननायक हैं, जिन्होंने कोरोना काल के दौरान जनता को आपदा से बचाने के लिए पूरी ताकत झोंकने का काम किया. घंटों की बैठकें, बड़े फैसले, अफसरों से फोन पर चर्चा और जिलों के दौरे के जरिए मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में हर वो मुमकिन उपाय किए जो संकटकाल में लोगों के लिए राहत बन सकें. यही नहीं, पूरे कोरोना काल में आम और खास सभी को कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करने की सलाह देने वाले मुख्यमंत्री ने खुद भी कोविड-19 की प्रोटोकाल का किया. खुद एहतियात बरतते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोगों को बताया कोरोना से बचाव का एकमात्र जो उपाय है वह है सावधानी.

ऐसे शुरू होता है सीएम का दिन

हम आपको बताते हैं कि कैसे मुख्यमंत्री ने कोरोना काल के दौरान अपनी दिनचर्या को जीवन का हिस्सा बनाया. सूर्य उदय के साथ ही अपने काम की शुरुआत करने वाले सीएम शिवराज सबसे पहले योग और ध्यान करते हैं. इसके बाद वह अफसरों से फोन पर जिलों का फीडबैक लेते नजर आते हैं. कोरोना काल की व्यवस्थाओं और दिन भर के रूटीन से पहले का होमवर्क उनके शुरुआत का हिस्सा है. वहीं, हर दिन एक पेड़ लगाने के संकल्प के साथ काम को आगे बढ़ाते हैं. इस दौरान मौजूद लोगों से निश्चित दूरी और मुंह पर मास्क जरूरी होता है. मंत्रालय में बैठकों के दौरान निश्चित दूरी, फेस मास्क और सर पर प्लास्टिक कवर के साथ मंत्री और अफसर शामिल होते हैं. बैठकों में जिलों का फीडबैक लेने के लिए वर्चुअल बैठकों को ही तवज्जो दी जाती है. मुख्यमंत्री जिलों के दौरे के दौरान कोविड-19 की गाइडलाइन का पूरा पालन करते हैं.

CM Shivraj, Shivraj News, MP News
अपनी कुशल रणनीति की वजह से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जननायक बन चुके हैं.

ये हैं मुख्यमंत्री की कार के नियम

सीएम शिवराज अपनी जिस गाड़ी में बैठकर सफर करते हैं उसमें सिर्फ तीन लोग शामिल होते हैं. ड्राइवर, शैडो और पीएसओ.कार के बीच के हिस्से को प्लास्टिक से कवर किया गया है, ताकि किसी तरह की बातचीत के दौरान आगे बैठे ड्राइवर पीएसओ और मुख्यमंत्री के बीच संक्रमण की दूरी बनी रहे. सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के साथ शामिल होने वाले स्टाफ और सुरक्षाकर्मी भी कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पूरा पालन करते हैं. सीएम शिवराज की कार ड्राइव करने वाले ड्राइवर और पीएसओ मुंह पर मास्क, सर पर प्लास्टिक कवर के साथ भी अपने जूतों को भी प्लास्टिक से कवर करते हैं, ताकि बाहर का संक्रमण अंदर ना जा सके.



यही नहीं, जिलों में दौरों और बैठकों के दौरान मुख्यमंत्री का साफ निर्देश है कि एयरपोर्ट या हवाई पट्टी पर कोई कार्यकर्ता नेता या अफसर उनको रिसीव करने नहीं आएगा. जिला क्राइसिस ग्रुप की बैठक में भी निश्चित दूरी पर ही प्रभारी मंत्री, विधायक और अफसर शामिल होते हैं.

CM Shivraj, Shivraj News, MP News
सीएम की गाड़ी में सिर्फ तीन लोग शामिल होते हैं.

दरअसल प्रदेश की जनता को कोरोना से सावधानी बरतने की अपील मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करते हुए नजर आते हैं, लेकिन उस अपील पर अमल की शुरआत मुख्यमंत्री खुद से करते हैं.यही कारण है कि मंत्रालय से लेकर बैठकों और आम लोगों से मुलाकात के दौरान भी सीएम शिवराज उन सभी प्रोटोकॉल का पालन करते हैं जो कोरोना से बचाव के लिए जरूरी हैं.

हालांकि कोरोना की पहली लहर में सीएम शिवराज भी कोरोना संक्रमित हो गए थे और अस्पताल में भर्ती हुए थे, लेकिन पूरे कोरोना काल में कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों को जिंदगी का मंत्र देने का काम किया है. यही कारण है कि घंटों तक काम करने का असर कोरोना के संक्रमण को सीमित करने में सफल साबित हुआ है और अब प्रदेश कोरोना कर्फ्यू से बाहर निकलकर अनलॉक की तरफ बढ़ता हुआ नजर आ रहा है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज