कुठियाला पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार! EOW में आज भी नहीं हुए पेश

कुठियाला पर आरोप है कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय में कुलपति रहते आर्थिक अनियमितता सहित टीचिंग पदों पर मनमर्जी से बड़ी संख्या में भर्ती की.

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: June 11, 2019, 5:23 PM IST
कुठियाला पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार! EOW में आज भी नहीं हुए पेश
कुठियाला पर आरोप है कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय में कुलपति रहते आर्थिक अनियमितता सहित टीचिंग पदों पर मनमर्जी से बड़ी संख्या में भर्ती की.
Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: June 11, 2019, 5:23 PM IST
माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार संस्थान के पूर्व कुलपति बी के कुठियाला आज भी EOW में पेश नहीं हुए. इसी के साथ अब उन पर गिरफ़्तारी की तलवार लटकने लगी है. हालांकि EOW ने फिलहाल उन्हें आखिरी अल्टीमेटम दिया है.
भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार संस्थान में हुए घोटालों के सिलसिले में पूर्व कुलपति बी के कुठियाला जांच के दायरे में हैं. उन्हें आज EOW में पेश होना था. EOW ने उनसे पूछताछ के लिए 100 से ज़्यादा सवालों की सूची तैयार की है. अनुमान था कि ये पूछताछ 10 घंटे से ज़्यादा समय तक चल सकती है. लेकिन कुठियाला EOW में पेश नहीं हुए. अब EOW के डीजी, के एन तिवारी का बयान आया है. इसमें कहा गया है कि कुठियाला को आख़िरी मौका दिया गया है. उन्हें EOW में पेश होने के लिए तीन दिन का और समय दिया गया है. अगर वो अब भी पूछताछ के लिए ऑफिस नहीं आएंगे तो उन्हें गिरफ़्तार करने के लिए पुलिस भेजी जाएगी. दरअसल गिरफ्तारी के डर से ही कुठियाला EOW में पेश नहीं हो रहे हैं.
ये है मामला


एमसीयू में आर्थिक अनियमितताओं को लेकर शासन स्तर पर जांच टीम का गठन किया गया था. इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर ईओडब्ल्यू ने नियुक्ति सहित आर्थिक गड़बड़ी के मामले में पूर्व कुलपति बीके कुठियाला समेत 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. ईओडब्ल्यू ने एमसीयू से तमाम दस्तावेज और सबूत भी जुटाए थे.

कुठियाला को आज 11 जून को पूछताछ के लिए बुलाया गया था.एमसीयू में आर्थिक अनियमितता को लेकर शासन स्तर पर जांच टीम का गठन किया गया था. इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर ईओडब्ल्यू ने नियुक्ति सहित आर्थिक गड़बड़ी के मामले में पूर्व कुलपति बीके कुठियाला समेत 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. ईओडब्ल्यू ने एमसीयू से तमाम दस्तावेज और सबूत भी जुटाए थे.
नियुक्ति में धांधली का आरोप
प्रो. कुठियाला पर आरोप है कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय में कुलपति रहते आर्थिक अनियमितता सहित टीचिंग पदों पर मनमर्जी से बड़ी संख्या में भर्ती की. इन्होंने न सिर्फ आरएसएस से जुड़े संगठनों व उनसे जुड़े लोगों को उपकृत किया बल्कि व्यक्तिगत लाभ लेने के लिए विश्वविद्यालय का पैसा खर्च किया. सूत्रों ने बताया है कि ईओडब्ल्यू दस्तावेजों और सबूतों के साथ पूछताछ करेगी.
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