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कमलनाथ सरकार का बड़ा फैसला, Land Pulling Policy के तहत किसानों को लौटाएगी जमीन

Anurag Shrivastav | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 11, 2019, 5:19 PM IST
कमलनाथ सरकार का बड़ा फैसला, Land Pulling Policy के तहत किसानों को लौटाएगी जमीन
कमलनाथ सरकार ने दी लैंड पुलिंग पॉलिसी को मंजूरी.

मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने बड़ा फैसला लेते हुए लैंड पुलिंग पॉलिसी (Land Pulling Policy) को मंजूरी दी है. इसके तहत विकास प्राधिकरणों (Development Authorities) के अधीन वाली खाली जमीन को किसानों को वापस लौटाया जाएगा.

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भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए लैंड पुलिंग पॉलिसी (Land Pulling Policy) को मंजूरी दी है. इसके तहत विकास प्राधिकरणों (Development Authorities) के अधीन वाली खाली जमीन को किसानों को वापस लौटाया जाएगा. सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 84 प्रोजेक्ट में से 66 प्रोजेक्ट वाली खाली जमीन किसानों को वापस होगी. यानी किसानों को कुल भूमि का पचास फीसदी लौटाने का फैसला लिया है. हालांकि इससे जुड़े विवादों का समाधान सिविल कोर्ट की बजाय सीधे हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से हो सकेगा.

जमीन के बदले किसान से ये लेगी सरकार
सरकार ऐसे प्रोजेक्ट वाली जमीन को भी वापस करेगी जिस पर सिर्फ 10 फीसदी विकास हुआ है. इसके लिए किसान से दस फीसदी विकास का खर्च लिया जाएगा. कमलनाथ कैबिनेट में मंजूर हुए लैंड पुलिंग एक्ट को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा.

अतिथि विद्वानों को लेकर किया ये फैसला

कमलनाथ सरकार ने प्रदेश के कालेजों में सेवा दे रहे अतिथि विद्वानों को सेवा हटाने के बाद दौबारा मौका देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इसके अलावा सरकार ने पीएससी की परीक्षाओं में भी अतिथि विद्वानो को बीस नंबर की छूट देने का फैसला किया है. कमलनाथ कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में इस संबंध में आये प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है.

कैबिनेट के फैसलों पर एक नजर
>>लैंड पुलिंग एक्ट को मंजूरी.>>विधानसभा में मंजूरी के लिए आएगा एक्ट.
>>अतिथि विद्वानों की सेवाओं को जारी रखने के लिए दौबारा मिलेगा मौका.
>>एमपीपीएससी की परीक्षा में अतिथि विद्वानों को बीस नंबर की मिलेगी छूट.
>>तृतीय श्रेणी, दैनिक वेतन भोगी और स्थाई कर्मियों के रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल हुई.
>>वर्दीधारी पदों के लिए न्यूनतम और अधिकतम आयु उम्र में भी बदलाव.
>>खुली प्रतियोगिता से सीधी भर्ती वाले पदों के तहत 21 साल और अधिकतम 35 साल उम्र होगी.
>>महिला आवेदक और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 21 साल और अधिकतम उम्र 38 साल होगी.
>>अनुदान लेने वाले निजी कॉलेजों के शिक्षकों के रिटायरमेंट की उम्र 62 से बढ़ाकर 65 साल हुई.

कैबिनेट में इस पर भी हुआ फैसला
मुख्यमंत्री बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण योजना लागू करने का फैसला भी कैबिनेट की मीटिंग में किया गया है. इसके अलावा राजस्व भूमि पर उद्यानिकी क्लास्टर की स्थापना होगी. जबकि मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना की अवधि सीमा बढ़ाकर 2024 की गई है. इसके तहत 2 लाख सोलर पंपों लगाये जाएंगे. यही नहीं, ई गवर्नेंस योजनाओं के लिए 548 पदों को मंजूरी देने के अलावा रक्षा विभाग भारत सरकार को भोपाल के कोहेफिजा में 0.607 हेक्टेयर भूमि देने का फैसला भी किया गया है. वहीं शिशु मंदिर ग्वालियर सोसाइटी को 13 हजार 700 वर्ग मीटर भूमि लीज पर देने का फैसला हुआ है.

मीटिंग में छाया यूरिया का मुद्दा
कैबिनेट की बैठक में यूरिया की कमी और धान खरीदी केंद्रों का मामला भी गूंजा. मंत्री कमलेश्वर पटेल और मंत्री प्रदीप जायसवाल ने इस मुद्दे को उठाया. इस मामले पर सीएम कमलनाथ ने यूरिया की कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.

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First published: December 11, 2019, 4:54 PM IST
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