कोरोनाकाल में MP में महंगी हो सकती है शराब, 250 करोड़ का घाटा पूरा करने को सरकार ने बनाया प्लान

नई आबकारी नीति को मंजूरी मिलने से प्रदेश में शराब की कीमत बढ़ सकती है. (सांकेतिक तस्वीर)

नई आबकारी नीति को मंजूरी मिलने से प्रदेश में शराब की कीमत बढ़ सकती है. (सांकेतिक तस्वीर)

MP Liquor Policy: मध्य प्रदेश सरकार नई आबकारी नीति बनाने जा रही है. कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी मिल सकती है. शराब की दुकानों के रिन्युअल के लिए उसकी फीस 10 फीसदी बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है, जिससे प्रदेश में शराब की कीमतें बढ़ सकती हैं.

  • Last Updated: May 14, 2021, 12:24 PM IST
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भोपाल. कोरोना काल के बीच क्या मध्य प्रदेश में शराब महंगी हो जाएगी? ये सवाल इसलिए खड़ा हो गया है क्योंकि सरकार अब आबकारी नीति में बड़ा बदलाव करने जा रही है. सरकार 10 फीसदी वृद्धि के साथ शराब दुकानों का नवीनीकरण (रिन्युअल) करने की तैयारी में है. जिन जिलों में ठेकेदार 10 फीसदी की वृद्धि पर सहमति नहीं देंगे, वहां छोटे-छोटे ग्रुप में टेंडर कराए जाएंगे.

दरअसल, आबकारी विभाग ने नई आबकारी नीति का खाका तैयार कर लिया है. नई आबकारी नीति के मसौदे को आज होने वाली शिवराज कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिल सकती है. शिवराज कैबिनेट की बैठक दोपहर 3:00 बजे बुलाई गई है. इसमें आबकारी नीति को लेकर चर्चा की जाएगी और उसके बाद मसौदे को मंजूरी मिलने की उम्मीद है.

5 फीसदी वृद्धि पर तैयार नहीं थे मंत्री

बता दें, इससे पहले भी पिछली कैबिनेट की बैठक में आबकारी नीति को पेश किया गया था. लेकिन, नीति में शराब दुकानों के नवीनीकरण के लिए 5 फीसदी की वृद्धि को मंत्रियों ने नाकाफी बताया था. इसके बाद नीति में संशोधन के लिए इसे टाल दिया गया था. जानकारी के मुताबिक सरकार ने अब नई नीति के तहत लाइसेंस फीस 10 फीसदी बढ़ाकर 10 माह के लिए ठेके देने का प्रस्ताव तैयार किया है.
बड़े ठेकेदार बढ़ी फीस देने को तैयार नहीं

प्रदेश में कोरोना महामारी के चलते शराब दुकानें 10 अप्रैल से बंद हैं और इनके अभी खुलने की संभावना भी कम है. ऐसे में मौजूदा हालातों और कोरोनावायरस की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए नई नीति लागू करने के बजाय वर्तमान लाइसेंस फीस में 10 फीसदी इजाफा करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. हालांकि, 10 फ़ीसदी लाइसेंस फीस बढ़ाने को लेकर बड़े ठेकेदार तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि शादी ब्याह का सीजन निकल चुका है और अब 10 महीनों के लिए 10 फीसदी  लाइसेंस फीस बढ़ाना ठीक नहीं है. शराब की नई नीति 1 अप्रैल से लागू होना थी, लेकिन कोरोनावायरस के चलते मौजूदा ठेकेदारों को लाइसेंसीस में 5 फ़ीसदी की वृद्धि कर इसे 31 मई तक लागू किया गया था.

सरकार को हो चुका 250 करोड़ रुपए का नुकसान



कोरोना के चलते सरकार को शराब से होने वाली आमदनी पर असर पड़ा है. सरकार को करीब 250 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. बताया जा रहा है कि अब लाइसेंस फीस में वृद्धि होने पर सरकार को करीब 450 करोड़ रुपए की आय होगी. इसके अलावा नई शराब नीति में शराब की ऑनलाइन बिक्री को लेकर भी प्रस्ताव दिया गया है. इस पर कैबिनेट में क्या फैसला होता है इस पर सभी की नजरें होंगी. प्रदेश में शराब की दुकानों की संख्या पर नजर डाले तो देशी शराब दुकानों की संख्या 2541,विदेशी शराब दुकानों की संख्या 1070 और कुल बार 358 हैं.

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