MP में अब जमकर छलकेंगे जाम, कमलनाथ सरकार ने की ये तैयारी

मध्यप्रदेश सरकार पर्यटन के नाम पर शराब को बढ़ावा देने जा रही है. बुधवार को हुई कमलनाथ कैबिनेट की बैठक में शराब नीति में कई अहम संशोधन किए गए हैं.

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: June 26, 2019, 9:44 PM IST
Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: June 26, 2019, 9:44 PM IST
मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार की बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में शराब नीति में कई अहम संशोधन किए हैं. जिसके तहत अब शराब पीने के लिए होटल और बार में ज्यादा छूट मिलेगी, साथ ही अब सरकार आसान तरीके से बार लाइसेंस आवंटित करने जा रही है. खास बात ये है कि फॉरेस्ट एरिया और वाइल्ड लाइफ सेंच्युरी में भी बार लाइसेंस देने की तैयारी सरकार ने की है.

राज्य सरकार का मानना है कि मौजूदा वक्त में केवल 4 ही बार लाइसेंस फॉरेस्ट एरिया में हैं, जबकि अवैध रूप से शराब की बिक्री कहीं ज्यादा है. यही वजह है कि इन इलाकों में भी बार लाइसेंस प्राथमिकता पर दिए जाएंगे. आईए आपको बताते हैं कि आखिर नए प्रावधन में बार लाइसेंस कितने आसान होने जा रहे हैं और कैसे सरकार आम लोगों के लिए शराब की सहूलियत करने जा रही है.



पर्यटन के नाम पर शराब को बढ़ावा

बता दें कि नए प्रावधान में किसी भी होटल में अब केवल बार रेस्टोरेंट एरिया में शराब पीना अनिवार्य नहीं होगा. साथ ही पूल साइड, गार्डन एरिया, टेरिफ एरिया में शराब पीने की छूट मिलेगी. इसके लिए होटल संचालक को लाइसेंस फीस में 10 फीसदी ज्यादा कीमत चुकानी होगी. बार लाइसेंस के लिए होटल में कम से कम 25 कमरों की अनिवार्यता की जाएगी, इनमें 15 कमरे एसी और 10 नॉन एसी होना ज़रुरी होगा.

सरकार फॉरेस्ट एरिया में बार लाइसेंस की संख्या बढ़ाएगी

अभी तक फॉरेस्ट एरिया में केवल 4 बार लाइसेंस आवंटित हैं, लेकिन नए प्रावधान में फॉरेस्ट एरिया और सेंचुरी में भी बार खोलने की मंजूरी मिलेगी और सेंचुरी और फॉरेस्ट एरिया में 10 किलोमीटर दायरे में भी लाइसेंस की मंजूरी दी जाएगी, इतना ही नहीं सरकार इन इलाकों में लाइसेंस फीस में भी छूट देगी.

होटल और बार संचालकों का 25 फीसदी स्टोर कोटा बढ़ाया जाएगा
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होटल बार रेस्टोरेंट के लिए किसी विशेष दुकान से खरीदने की अनिवार्यता खत्म होगी, साथ ही होटल संचालक और बार संचालक सरकारी वेयर हाउस से भी शराब खरीद सकेंगे. होटल में बार रेस्टोरेंट का एरिया ही बार माना जाता था अब इसकी शर्त को खत्म किया जाएगा. वहीं बार लाइसेंस के एप्लीकेशन को सरकार होल्ड नहीं करेगी. बार का रिन्यूवल अगर 7 दिन में नहीं हुआ तो अपने आप रिन्यू मान लिया जाएगा .

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