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MP में शराब पर तांडव: पूर्व सीएम कमलनाथ के पक्ष में क्यों खड़े हुए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा?

नरोत्तम मिश्रा  (फाइल फोटो)
नरोत्तम मिश्रा (फाइल फोटो)

गृह मंत्री के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि कमलनाथ सरकार की नीतियों का पालन करना है तो गृहमंत्री उसकी आलोचना क्यों कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 9:05 PM IST
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भोपाल. मध्यप्रदेश में शराब की दुकानों को बढ़ाए जाने पर सियासी तांडव जारी है. गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ सरकार के दौरान के गजट नोटिफिकेशन का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने गांव में 5 किलोमीटर के दायरे में शराब दुकानें खुलने का गजट नोटिफिकेशन जारी किया था. मैं भी इसी पक्ष में हूं कि दुकानों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि अमानक शराब मार्केट में नहीं आए.

शराब की दुकान बढ़ाने पर कांग्रेस के आरोपों पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस की दो मुंही नीति है. गृह मंत्री ने पूर्व कमलनाथ सरकार का गजट नोटिफिकेशन मीडिया के सामने दिखाया. उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार का 6 जनवरी का गजट नोटिफिकेशन है. गांव में 5 किलोमीटर के दायरे में खोलने का कहा था. अपने व्यक्तिगत मुनाफे के लिए कैसे शराब की कीमत बढ़ाई गयी. फरवरी में घर घर शराब पहुंचाने के लिए ऑनलाइन शराब बेचने को कहा था, महिलाओं को शराब कैसे आसानी से मिल जाये, कहा था.

दुकान की संख्या बढ़ाने को लेकर मंत्री का गणित



गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दूसरे राज्यो में एक लाख आबादी में ज़्यादा दुकाने हैं. मध्य प्रदेश में एक लाख की आबादी में सिर्फ 4, महाराष्ट्र  में 21, राजस्थान में  17, यूपी में 12 दुकाने हैं. उन्होंने कहा कि मैं इसी पक्ष में हूं कि शराब दुकान खुलें.


कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने किया पलटवार

गृह मंत्री के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि कमलनाथ सरकार की नीतियों का पालन करना है तो गृहमंत्री उसकी आलोचना क्यों कर रहे हैं.  गृह मंत्री ने ऐसी बात कही है तो उनकी विवेक हीनता को धन्यवाद देना चाहूंगा. दुकान बढ़ाने का असली उद्देश्य शराब माफियाओं को बचाने का है.  उन्होंने कहा कि गरीब आदमियों पर पत्थर पटक रहे हैं और पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रहे हैं. संबल में 57 लाख लोगों को फर्जी तरीके से फायदा पहुंचाया था. उनकी जांच भी नहीं करना चाहते हैं. मध्यमवर्ग को कोई फायदा नहीं पहुंचाना चाहते. उन्होंने कहा कि माध्यम वर्ग की सरकार ने कमर तोड़ दी.
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